Rajasthan Breaking News: आबकारी नीति के गलत प्रावधान के चलते बंदोबस्त फेल, 10 चरण की नीलामी के बाद भी असफल साबित हुई नीति
जयपुर न्यूज डेस्क। राजस्थान की बड़ी खबर में आपको बता दें कि राज्य सरकार के सबसे बड़े आय के साधन में अब की बार नई आबकारी नीति बड़ा रोड़ा साबित हुई है। आबकारी नीति के गलत प्रावधान और जिलों में तैनात विभाग के अधिकारियों की लापरवाही ने इस बार आबकारी बंदोबस्त को फेल कर दिया है। तीन दौर पर 10 चरण की नीलामी के बावजूद अभी भी प्रदेश में 1891 शराब दुकान बंद पड़ी है इससे सरकार को अब तक 500 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। अब तीसरे दौर में वादा करने के बावजूद 50 फ़ीसदी बंदोबस्त कराने में विफल रहे जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है।

प्रदेश में एक महीने में 3 दौर और 10 चरण की नीलामी के बाद भी आबकारी बंदोबस्त सफल नहीं हो सका है। वहीं, बंदोबस्त में आबकारी आयुक्त बदलने का भी सरकार को कोई लाभ नजर नहीं आया है। दरअसल जिला आबकारी अधिकारी और विभिन्न जिलों में तैनात आबकारी निरीक्षकों की उदासीनता औए लापरवाही आबकारी बंदोबस्त पर भारी पड़ रही है। तमाम प्रयासों के बावजूद आबकारी नीति के गलत प्रावधान इस बार शराब कारोबारियों को लुभा नहीं पा रहे हैं। ऐसे में सरकार को अभी तक करीब 500 करोड रुपए का नुकसान हो चुका है। हालात यही रहे तो हमेशा राजस्व के मोर्चे पर आगे रहने वाला आबकारी विभाग इस बार काफी पीछे रह जाएगा।
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आबकारी आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित अपने प्रशासनिक कौशल और वित्तीय प्रबंधन को लेकर बंदोबस्त को सफल बनाने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं लेकिन जिलों में तैनात विभाग के लापरवाह अफसर उनके प्रयासों को सफल नहीं होने दे रहे है। दरअसल 12 अप्रैल को नौवें चरण की नीलामी के बाद आबकारी विभाग में जिला आबकारी अधिकारियों से यह पूछा गया था कि वह अपने-अपने जिलों में कितने प्रतिशत बंदोबस्त करवा पाएंगे ? इस पर 9 जिला आबकारी अधिकारियों ने 50 फीसदी बंदोबस्त कराने में असमर्थता जाहिर की थी जबकि 25 जिला आबकारी अधिकारियों ने अपने जिलों में शेष रही दुकानों में से 50 फ़ीसदी दुकान उठने का भरोसा दिलाया था।

आबकारी आयुक्त ने 9 जिलों को छोड़कर 25 जिलों की 1563 दुकानों को 20 अप्रैल को ऑनलाइन नीलामी के प्लेटफार्म पर रखने के निर्देश दिए। लेकिन जिला आबकारी अधिकारियों के दावे खोखले साबित हुए और 1563 में से महज 388 दुकान ही इन 25 जिलों में उठ पाई है। ऐसे में अब इन जिलों के जिला आबकारी अधिकारी और निरीक्षकों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई के मूड में दिख रहा है। ध्यान रहे मार्च में आबकारी बंदोबस्त के पहले दौर की छह नीलामी में जहां प्रदेशभर में 664 दुकान ही नीलाम हो पाई वहीं दूसरे दौर में तीन प्रयासों में 2221 दुकानों को नीलाम किया गया। जयपुर शहर में कुल 404 मदिरा दुकान हैं इनमें से 110 का नवीनीकरण हुआ जबकि 10 प्रयासों में 143 दुकान ही ऑक्शन में उठ पाई है। अभी जयपुर शहर में 149 दुकान बंद हैं।
