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Rajasthan Breaking News: अलवर में 300 साल पुराने मंदिर तोड़े जाने पर राजेंद्र राठौड़ ने जताई नाराजगी, कलेक्टर को दी बड़ी नसीहत

 
Rajasthan Breaking News: अलवर में 300 साल पुराने मंदिर तोड़े जाने पर राजेंद्र राठौड़ ने जताई नाराजगी, कलेक्टर को दी बड़ी नसीहत

अलवर न्यूज डेस्क। राजस्थान की बड़ी खबर में आपकोबता दें कि अलवर के राजगढ़ नगर पालिका में 300 साल पुराने मंदिर तोड़े जाने पर राजस्थान की राजनीति गर्मा हुई है। इस मामले में बीजेपी अब कांग्रेस सरकार पर लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के साथ तुष्टीकरण का भी आरोप लगा रहीं है। बीजेपी के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने 300 साल पुराने मंदिरों को तोड़े जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कलेक्टर को नसीहत देते हुए कहा कि वे कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता के रूप में काम ना करें। राठौड़ ने कहा कि राज आता जाता रहता है। अगर लोकतंत्र में अधिकारी यह सोचेंगे कि उनका राज हमेशा रहने वाला है तो यह भी संभव नहीं है। जन भावनाओं की अनदेखी करने वालों से समय आने पर बात की जाएगी।

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राजेंद्र राठौड़ ने अलवर कलेक्टर शिव प्रसाद नकाते पर निशाना साधते हुए कहा कि कलेक्टर इस तरह का बयान दे रहे हैं कि कोई भी मूर्ति खंडित नहीं हुई है। राठौड़ ने कहा कि खंडित मूर्तियां सभी ने देखी है और उन मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। राजेंद्र राठौड़ ने मूर्तियों पर ड्रिल मशीन और आरे चलाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टर को नसीहत देते हुए कहा कि वे कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता के रूप में काम ना करें। राठौड़ ने कहा कि राज आता जाता रहता है। अगर लोकतंत्र में अधिकारी यह सोचेंगे कि उनका राज हमेशा रहने वाला है तो यह भी संभव नहीं है। जन भावनाओं की अनदेखी करने वालों से समय आने पर बात की जाएगी।

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उपनेता राजेंद्र राठौड ने मूर्तियों को हटाए जाने को लकर कहा है कि किसी भी विकास कार्य के लिए मंदिर या धार्मिक स्थल हटाने की एक प्रक्रिया होती है। उस प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मंदिर में बुलडोजर चलाने की जरूरत नहीं थी और ना ही मूर्तियों को आरे से काटा जाना चाहिए था। मूर्तियों को सम्मान के साथ दूसरी जगह स्थापित कराया जाना चाहिए था।

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राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि भले पूर्ववर्ती सरकार के समय भी बीजेपी के राज में मंदिर हटाए गए हों, लेकिन उस समय मेट्रो ट्रेन के काम के लिए मंदिर हटाए गए और उन्हें स-सम्मान पुनर्स्थापित भी कराया गया था। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि बीजेपी धर्म स्थलों को हटाने और तोड़फोड़ करने के पक्ष में नहीं है। राठौड़ ने कहा कि यहां सड़क की चौड़ाई 60 की बजाय 30 फिट करने पर बात बनी थी। राजेंद्र राठौड़ ने यह भी कहा कि इस मामले में विस्तृत प्रस्ताव मास्टर प्लान में बदलाव के लिए नगर नियोजन विभाग को भेजा जाना था, लेकिन सरकार के एसडीएम ने स्थानीय विधायक जोहरी लाल मीणा के तुष्टिकरण के लिए मंदिर गिराने की कार्रवाई कर दी है।