Rajasthan Politics: सीएम गहलोत के गढ़ में बीजेपी ने की सेंधमारी की तैयारी, ओबीसी वोटबैंक को साधने के लिए अमित शाह का जोधपुर दौरा
जयपुर न्यूज डेस्क। भारतीय जनता पार्टी राजस्थान विधानसभा चुनाव जीतने के लिए अभी से पूरी तैयारी में जुट गई है। पार्टी का पहला फोकस ओबीसी वोट बैंक पर है इसलिए मूल ओबीसी के अलावा अन्य ओबीसी जातियों को पार्टी से जोड़ने के लिए कवायद शुरू कर दी है। पार्टी का मानना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने गढ़ में मजबूत है खासकर ओबीसी वर्ग पर उनकी मजबूत पकड़ है। ऐसे में उनके ही भाजपा सेंध लगाने की योजना बना रही है. जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा यहां पूरे ओबीसी वोट में सेंधमारी करने में सफल हो जाती है तो 2023 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को चुनौती देना आसान हो जाएगा। इसलिए पार्टी ने जोधपुर संभाग में एक 8 से 10 सितम्बर तक भाजपा ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आयोजित की है। इसी कार्यसमिति को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह संबोधित करने जोधपुर का दौरा कर रहे हैं। अमित शाह को सोशल इंजीनियरिंग में माहिर माना जाता है।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह राजस्थान बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, जालोर, सिरोही से भाजपा सांसद, विधायक, मोर्चा पदाधिकारी और बूथ अध्यक्ष के साथ मिलकर गहन मंत्रणा करके उस ओबीसी वर्ग के लिए बात करेंगे जिसकी भागीदारी अभी तक सत्ता में क्यों नहीं रही या बीजेपी से नहीं जुड़ पाए। बताया जा रहा है कि राजस्थान के राजनीति में सिर्फ चार ओबीसी जाति का सत्ता में दबदबा रहा है। बांकी के करीब 40 जातियां अभी भी प्रदेश के राजनीति में हाशिए पर है। जिसे जोड़ने का काम किया जा सकता है। ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक जोधपुर में करने की सबसे बड़ी वजह है कि राजस्थान में 50 से ज्यादा सीटों पर ओबीसी विधायक चुनकर आते हैं। वहीं, सिर्फ जोधपुर संभाग में 15 ओबीसी विधायक हैं। जिनमें 11 कांग्रेस और 4 भाजपा के हैं। ऐसे में इस बड़े वोट बैंक को साधने में बीजेपी जुट गई है।
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देश भर ओबीसी वोट बैंक को अपने साथ रखने और शेष बचे वर्ग को भी जोड़ने के लिए सभी राज्यों से बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल हो रहे हैं। कार्यसमिति के बाद सभी को जोधपुर के 47 मंडलों पर 1-1 घंटे के लिए दौरा करने भेजा जाएगा। 10 सितम्बर को ही जोधपुर संभाग के जिलों के 20 हजार बूथ अध्यक्ष और बूथ कमेटियों के पदाधिकारियों का सम्मेलन होगा। जिसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे। चर्चा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी ओबीसी मोर्चा और बूथ सम्मेलन सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं।

अमित शाह के इन दोनों कार्यक्रमों में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, समेत कई सीनियर नेता मौजूद रहेंगे। इनके अलावा राजस्थान से केंद्र में तीनों मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, कैलाश चौधरी भी मौजूद रहेंगे। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय चुनाव समिति सदस्य भूपेंद्र यादव, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, सांसद देवजी पटेल, पीपी चौधरी मौजूद रहेंगे। इतने दिग्गज नेताओं की एक मंच पर मौजूदगी से पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुटता का मैसेज देने का एक प्रयास हो सकता है। क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस कई धड़ों में बंटी हुई है। कांग्रेस भी यही आरोप लगाकर कर हमलावर है कि बीजेपी में दर्जन भर नेता मुख्यमंत्री बनने की होड़ में लगे हुए हैं।
