Rajasthan Assembly Election 2023: बीजेपी मिशन 2023 के तहत राजस्थान में पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी विधानसभा चुनाव
जयपुर न्यूज डेस्क। राजस्थान में होने वाले 2023 के चुनावों की तैयारियों में बीजेपी जुट गई है। साथ ही इसके लिए रणनीति बनाने के लिए जयपुर में दिन दिवसीय महामंथन भी किया जा रहा है। आज जयपुर में बीजेपी के महामंत्रियों की बैठक हुई है। इसी बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बताया है कि राजस्थान में बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने वाली है। सतीश पूनिया का बयान बीजेपी नेताओं की जयपुर में हुई अहम बैठक के बाद सामने आया है।
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भक्ति और शूरवीरों की भूमि राजस्थान आज गौरवांवित हुई है। राष्ट्रवाद के विचार वाले दुनिया के सबसे बड़े संगठन @BJP4India की ‘राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक’ शक्ति स्वरूपा मां शिलादेवी की धरती आमेर (जयपुर) में संपन्न हुई। pic.twitter.com/Cnw6GFYUjv
— Satish Poonia (@DrSatishPoonia) May 20, 2022
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि, राजस्थान पर केंद्रीय नेतृत्व ने फोकस किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तीन बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। वहीं इस दौरान पूनिया ने गुटबाजी को लेकर भी जवाब दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि, गुटबाजी कांग्रेस में है, भाजपा पार्टी के आलाकमान के कहने पर चलने वाली पार्टी है, उस मर्यादा से कोई बाहर नहीं जाएगा। फिलहाल मेरे से भी बड़े नेताओं ने तय कर लिया है कि मोदी जी के नाम पर और मोदी के चेहरे पर पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेगी और साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करेंगी।
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बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि, मैंने देखा कि कई बार उन्होंने कहा है कि देश में आग लग जाएगी यानी उनकी फितरत है कि देश में आग लगाना चाहते हैं। राहुल गांधी सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए. इसलिए उनमें परिपकवता नहीं है।

राहुल गांधी के कैंब्रिज में दिए गए बयान पर सतीश पूनिया ने आगे कहा कि, एक नरेटिव सेट करने कि कोशिश हुई है। लेकिन हमने बताया है कि एपीजे अब्दुल कलाम भी राष्ट्रपति बन सकते हैं और रामनाथ कोविंद भी बन सकते हैं। मुझे लगता है कि राहुल गांधी का बयान सत्ता से बाहर रहने की बौखलाहट की वजह से है। प्रधानमंत्री दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं, जो भी बदलाव आया है उनकी वैचारिक सोच की वजह से आया है, राहुल गांधी के बयानों में कोई दम नहीं है। कांग्रेस में तो कांग्रेस के भीतर ही आवाज दबाई जा रही है, कांग्रेस के बिखराव का कारण कांग्रेस के आंतरिक कलह ही सबसे बड़ा कारण है।
