Aapka Rajasthan

Rajasthan Breaking News: हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया मर्डर से लोगों में आक्रोश, हत्यारों की गिरफ्तारी तक शव लेने से इंकार

 
Rajasthan Breaking News: हिस्ट्रीशीटर जयपाल हत्या को लेकर नावा धरना प्रदर्शन, हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी पर अड़े परिजन

नागौर न्यूज डेस्क। राजस्थान की बड़ी खबर में आपको बता दें कि नागौर जिले की नावां सिटी में नमक कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया की शनिवार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में बीजेपी और आरएलपी दोनों पार्टियों ने प्रदेश की गहलोत सरकार को घेरा है। साथ ही परिजनों ने हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने शव लेने से भी इंकार कर दिया है।

उदयपुर में कांग्रेस के नव संकल्प चिंतन शिविर का समापन, राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कही यह बड़ी बात

01

हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया की हत्या के चलते जयपाल समर्थकों ने इस हत्याकांड में शामिल लोगों को गिरफ्तारी को लेकर कल दिनभर बाजार बंद रखे और धरना प्रदर्शन भी किया है। इस हत्या के मामले में देर रात सरकारी उपमुख्य सचेतक और विधायक महेंद्र चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले को लेकर रालोपा सांसद हनुमान बेनीवाल भी कल देर रात धरना स्थल पहुंचे है और उन्होने महेंद्र चौधरी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जयपाल पूनियां का चौधरी के भाई के साथ विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि चौधरी के इशारे पर पूनियां की हत्या हुई और उसके खिलाफ कई झूठे मुकदमें दर्ज कराए गए। चौधरी नागौर में समानांतर सरकार चला रहे हैं। इस मामले की सीबीआई जांच नहीं होगी, तब तक परिजनों के साथ हैं। प्रदेश में भाजप और कांग्रेस का मिलाजुला खेल चल रहा है।

अलवर में भीषण सड़क हादसा, ट्रक और टेम्पों की भिडंत में एक ही परिवार के 4 लोगों की दर्दनाक मौत


राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट कर कहा राजस्थान सरकार के उप मुख्य सचेतक, मुख्यमंत्री के नजदीकी नावां विधायक और उनके परिजनों का नाम जयपाल पूनिया के जघन्य हत्याकांड में सामने आ रहा है। जिसका जिक्र दर्ज एफआईआर में भी हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार को जयपाल पूनिया हत्याकांड मामले की जांच तुरंत सीबीआई को दे देनी चाहिए। क्योंकि सत्ता पक्ष के विधायक और सीएम के करीबी व्यक्ति का नाम मुकदमे में आया है।


बीजेपी के केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर कहा अब नावां शहर में खुलेआम फायरिंग हो गई। अपराधी जीत रहे हैं, पुलिस हार रही है। कारण यह है कि गहलोतजी ने पुलिस और इंटेलीजेंस को पक्ष-विपक्ष की जासूसी में लगा रखा है। एक तरफ अपराधी सार्वजनिक तौर पर अपने मामले निपटा रहे हैं, दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की प्राइवेसी खतरे में हैं। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा हम विपक्षियों की छोड़िए उनके ही एक कट्टर प्रतिद्वंदी नेता को भी यही शिकायत है। लेकिन पता नहीं चिंतन शिविर में कांग्रेस आलाकमान तक ये मुद्दा पहुंचा या नहीं। जनता चाहती है सोनिया गांधी राज्य की खत्म हो चुकी कानून-व्यवस्था विशेषकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल करें।