Rajasthan Breaking News: जयपुर में बेरोजगारों का आज प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन, वार्ता सफल नहीं होने पर आंदोलन रहेगा जारी
जयपुर न्यूज डेस्क। राजस्थान की इस वक्त की बड़ी खबर में आपको बता दें कि करीब 28 मांगों को लेकर राजस्थान के बेरोजगार एक बार फिर से आंदोलन करते हुए दिखाई दिए है। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले दिए इस धरने में बड़ी संख्या में बेरोजगारों ने एकत्रित होकर अपनी एकता दिखाई है। साथ ही आज सुबह से धरने पर बैठने के बाद करीब 4 घंटें तक भी कोई वार्ता नहीं होने के चलते बेरोजगारों ने आखिरकार 2 बजे सिविल लाइन कूच किया है।
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ये युवाओं के आक्रोश की आग है! पुलिस बल से नहीं "लम्बित भर्तियों" का निपटारा करने से ही शान्त होगी। @TheUpenYadav @ashokgehlot51 pic.twitter.com/QWe9N2jTnW
— Qamar (@QamarAnchor) May 23, 2022
वहीं, सिविल लाइन में मौके पर मौजूद भारी पुलिस जाप्ते द्वारा बेरोजगारों को शहीद स्मारक के गेट पर ही रोक दिया। जिसके बाद बेरोजगारों ने शहीद स्मारक के गेट पर ही धरना शुरू किया, पुलिस और बेरोजगारों के बीच में करीब 2 घंटें तक तनानती की स्थिति देखने को मिली है। जिसके बाद आखिरकार वार्ता के रास्ते खुले और 11 सदस्यीय एक प्रतिनिधि मंडल को वार्ता का के लिए सीएमओ में बुलाया गया। वार्ता के निमंत्रण के बाद राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि अपनी विभाग मांगों को लेकर पहले ही सरकार को चेतावनी दे दी थी, लेकिन इसके बाद भी सरकार की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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#बेरोजगार छाओ व पुलिस में टकराव.. धक्का मुक्की..
— Bhawani Singh (@BhawaniSinghjpr) May 23, 2022
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इंटर्नशिप की शर्त हटाने जैसी मांगों को लेकर जयपुर में प्रदर्शन.. #बेरोजगारी_भत्ता_इंटर्नशिप_रद्द_करो@TheUpenYadav @News18India pic.twitter.com/uZDeAlrtt3
उपेंद्र यादव ने बताया है कि पिछले आंदोलनों के बाद सरकार से विभिन्न स्तरों पर समझौते हुए है। लेकिन अभी तक भी समझौतों की शर्ते पूरी नहीं हुई है। जिसके चलते बेरोजगारों को फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। आज सुबह 10 बजे से शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे थे, लेकिन 4 घंटे बाद निकलने के बाद भी किसी प्रकार की कोई वार्ता नहीं हुई। जिसके चलते हमें सिविल लाइन कूच का फैसला लेना पड़ा। इसके बाद सीएमओ में वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को बुलाया गया है। जहां पर कुछ बातों पर सहमति बनी है। लेकिन अगर वार्ता सफल नहीं होती है, तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
