Rajasthan Breaking News: जयपुर के आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व में आज से सफारी शुरू, देश का पहला ऐसा रिजर्व जहां एक साथ होगी चार सफारी
जयपुर न्यूज डेस्क। राजस्थान की बड़ी खबर में आपको बता दें कि जयपुर के आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व में आज से पर्यटकों के लिए सफारी शुरू की गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा कल जयपुर में आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व का उद्घाटन करने के बाद इसे अब पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यह देश का पहला ऐसा रिजर्व होगा, जहां एक साथ चार सफारी होंगी। उद्घाटन के बाद सफारी लोगों के लिए शुरू हो गई है। ऐसे में अब पिंकसिटी में पैंथर देखना आसान हो गया है। इसकी ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी गई है।
जयपाल पूनिया मर्डर केस में बड़ा अपडेट, हत्या में शामिल शूटर रणजीत को किया गिरफ्तार
राजस्थान अपनी भौगोलिक विषमताओं के बावजूद वन संरक्षण करने में सफल रहा है। राजस्थान अपनी ऐतिहासिक धरोहर, रेगिस्तान के साथ वन्यजीव पर्यटन के रूप में बड़ा स्थान कायम किए हुए है। प्रदेश के लिए शुभ संकेत है कि टाइगर, लेपर्ड और अन्य वन्यजीवों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही हैं।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 22, 2022
राजधानी जयपुर पहला शहर होगा जहां दो लेपर्ड सफारी संचालित होगी. इससे पहले यहां हाथी सफारी भी जारी है. आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व में 20 से ज्यादा पैंथर प्रवास करते हैं। यहां आए दिन शावक भी देखे जा रहे हैं। राजधानी के जंगल में 70 से ज्यादा पैंथर हैं। जंगल को आकर्षक बनाने के लिए पगमार्क के आकार की तलाई बनाई गई है। यहां वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए तीन पानी की तलाईयां भी बनाई गई हैं। एक तलाई को आकर्षक रूप देने के लिए बघेरे के पगमार्क का आकार दिया गया है। खास बात है कि सौर ऊर्जा के पैनल लगाए गए हैं। तलाईयों में पानी की आपूर्ति के लिए मोटर संचालित होगी।

आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व में दो पारियों की सफारी करवाई जाएगी। सुबह 5.30 बजे से सुबह 8 बजे तक और शाम को 4.45 बजे से शाम 7.15 बजे तक का समय तय किया है। गलता के विपश्यना केंद्र के निकट बने द्वार से गाड़ियों का प्रवेश और निकास होगा। 16.36 वर्ग किलोमीटर के जंगल में विकसित इस सफारी के लिए तीन रूट बनाए गए हैं। इनमें दो बड़े और एक छोटा रूट बनाया है।

राजस्थान की गुलाबी नगरी शुरू से ही पर्यटकों की पहली पसंद रही है। अब यहां सफारी के दौरान सैलानी न केवल पैंथर और अन्य वन्य जीव प्रजातियां देख सकेंगे, बल्कि रघुनाथगढ़ किला, जयगढ़, नाहरगढ़ किले के साथ ही हवामहल, मानसागर की पाल भी निहार सकेंगे। इनके अलावा अरावली की सुरम्य पहाड़ियां, सनराइज और सनसेट पॉइन्ट भी देख सकेंगे।
