Rajasthan Breaking News: कांग्रेस के एमएलए गणेश घोघरा की बढ़ती मुश्किल, कांग्रेस पार्टी के नेता उतरे अब उनके खिलाफ
डूंगरपुर न्यूज डेस्क। राजस्थान की बड़ी खबर में आपको बता दें कि डूंगरपुर जिले में एसडीएम और अन्य सरकारी कार्मिकों को बंधक बनाने के मामले में भाजपा के विरोध के बाद कांग्रेस के कुछ नेता भी विधायक गणेश घोघरा के विरोध में उतर आये हैं। बिछीवाड़ा पंचायत समिति के कांग्रेस प्रधान देवराम रोत और पूर्व प्रधान राधा घाटिया ने पत्रकार वार्ता करते हुए विधायक द्वारा उठाए गए इस कदम और प्रशासन द्वारा लगाए गए दबाव के आरोप को गलत बताया है।

डूंगरपुर जिले में एसडीएम और अन्य सरकारी कार्मिकों को बंधक बनाने के मामले में डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। इस मामले को लेकर भाजपा के बाद अब कांग्रेस के कुछ नेता भी विधायक गणेश घोघरा के विरोध में उतर आए हैं। इसी कड़ी में डूंगरपुर विधानसभा की बिछीवाड़ा पंचायत समिति से कांग्रेस प्रधान देवराम रोत और डूंगरपुर के पूर्व विधायक लाल शंकर घटिया की पत्नी एवं पूर्व प्रधान राधा देवी घाटिया ने प्रेस वार्ता आयोजित कर उनके खिलाफ बयान दिया है।
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डूंगरपुर सर्किट हाउस में आयोजित हुई प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधान देवराम रोत और पूर्व प्रधान राधादेवी घटिया ने अधिकारियों को बंधक बनाने की घटना को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन दोनों एक सिक्के के दो पहलू है और इस घटना के बाद शासन और प्रशासन के बीच दरार पैदा हो गई है, जिससे सरकार की योजनाओं को धरातल पर लागू करने में मुश्किलें पैदा होंगी। प्रधान देवराम रोत ने कहा कि विधायक गणेश घोघरा को ऐसा कदम उठाने से पहले उच्च अधिकारियों अथवा कांग्रेस के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करनी चाहिए थी।

देवराम रोत ने कहा कि अधिकारियों को बंधक बनाने, विधायक गणेश घोघरा द्वारा इस्तीफा भेजने और विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने जैसी घटनाओं से कांग्रेस पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं, राज्य सरकार की छवि भी धूमिल हुई है। प्रेस वार्ता के दौरान प्रधान देवराम और पूर्व प्रधान राधादेवी घाटिया ने डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा पर पिछले 3 सालों के दौरान क्षेत्र के पूर्व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के भी आरोप लगाए।
