Aapka Rajasthan
Sirohi में तीन दिवसीय तनाव मुक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयेाजन, बड़ी संख्या में प्रशिक्षकों ने लिया भाग
 

सिरोही न्यूज़ डेस्क,ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मानसरोवर हॉल में प्रशासक सेवा प्रभाग द्वारा प्रशासकों के लिए तनाव मुक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीताराम मीणा ने कहा कि सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उत्कृष्ट प्रशासन का होना जरूरी है. इसके लिए तनाव से मुक्ति और व्यवस्थित जीवन जरूरी है। वे प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे.

Rajasthan Breaking News: जोधपुर एसीबी की बाडमेर में बड़ी कार्रवाई, बालोतरा नगर पालिका ईओं को 1 लाख रूपए की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

उन्होंने कहा कि जब हम प्रशासनिक कामकाज संभाल रहे होते हैं तो हमें हर तरह की परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में विपरीत परिस्थितियों में तनावपूर्ण परिस्थितियों में आंतरिक शक्ति की आवश्यकता होती है। ऐसे में राजयोग मेडिटेशन से आंतरिक शक्ति का विकास होता है।

कार्यक्रम में प्रशासक संभाग की अध्यक्ष राजयोगिनी बीके आशा ने कहा कि उत्कृष्ट प्रशासन के लिए उत्कृष्ट परिस्थितियों का होना जरूरी है. जहां प्रशासन में उत्कृष्टता होगी, वहां एक महान समाज होगा। ब्रह्माकुमारीज संस्थान में पढ़ाया जाने वाला राजयोग ध्यान जीवन में उत्कृष्टता लाता है।

इसके लिए जीवन में राजयोग साधना को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार, समाज, समुदाय, संगठन, संस्था या सरकार चलाने की बात हो, हर जगह प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत होती है। उन प्रशासनिक व्यवस्थाओं में प्रशासनिक वर्ग को सशक्त करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम रखा गया है।

कार्यक्रम में प्रशासक सेवा प्रमंडल के मुख्यालय संयोजक बीके हरीश ने कहा कि आज तेजी से बदलते परिवेश में प्रशासनिक वर्ग काफी तनाव में रहता है. जब वे अपने क्षेत्र में प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करते हैं तो वे बहुत दबाव में होते हैं। तब वे तनाव में रहते हैं। उनके सामने समाज में उभरती हुई समस्याएं हैं, घर ही परिवार है।

Rajasthan Top Breaking News In 30 Seconds: टोंक के मालपुरा में भीषण सड़क हादसा, जानिए राजस्थान से जुडी हर छोटी-बड़ी खबर बस 30 सेकंड में

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशासक संभाग, वरिष्ठ संकाय, लखनऊ के प्रभारी बीके राधा ने कहा कि चाहे सरकारी संस्थान हो या गैर सरकारी संस्थान, जब प्रोजेक्ट उन्हें दिया जाता है. उसके लिए भी एक समय सीमा होती है। ऐसे में अपने सहकर्मियों से भी तालमेल बिगड़ जाता है। यह प्रशिक्षण शिविर तीन दिनों तक चलेगा। जिसमें वरिष्ठ प्राध्यापक ईवी गिरीश, स्वामीनाथन, डॉ. प्रेम मसंद सहित कई लोगों ने संबोधित किया।