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Jalore जिले में संसाधनों की कमी की वजह से ट्रामा सेंटर में मरीज 8 दिन से कर रहा ऑपरेशन का इंतजार, मरीजों को हो रही परेशानी
 

जालोर न्यूज़ डेस्क,जालोर जिले में संसाधनों की कमी के कारण ट्रॉमा सेंटरों पर मरीज कई दिनों से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे हैं. कई बार अस्पताल में सामान्य बीमारियों की दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। जिससे मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी में रोजाना करीब 35 से 40 हड्डी के मरीज आ रहे हैं। उसमें से 10 से 15 मरीजों का ऑपरेशन होता है, लेकिन आवश्यक संसाधनों के अभाव में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कैलाश कुमार पुत्र हंसराज जिंगर ने बताया कि 16 नवंबर को मारपीट हुई थी, जिसमें उनके दाहिने हाथ की हड्डी टूट गई थी। जिसके बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे हाथ फ्रैक्चर मानकर भर्ती कर लिया। बुधवार 16 अक्टूबर को उन्हें बताया गया कि शनिवार को हाथ का ऑपरेशन किया जाएगा। शनिवार को बताया गया कि ऑपरेशन के लिए दवा व सामग्री नहीं है तो सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। सोमवार को बताया गया कि दवा नहीं है, बुधवार को ऑपरेशन होगा। बुधवार को बताया गया कि आज दिव्यांगों के लिए लगे कैंप में डॉक्टर जा रहे हैं, जिसके बाद गुरुवार को ऑपरेशन किया गया.

अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ताराचंद ने बताया कि जोधपुर से आने वाले अस्पताल में कई दिनों से सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले खून समेत कई जरूरी चीजें गायब हैं. पिछले 7 दिनों से अस्पताल में उपलब्ध नहीं था। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन बुधवार को ऑपरेशन के लिए आवश्यक दवाइयां सहित उपकरण आ गए हैं। गुरुवार को मरीज का ऑपरेशन किया गया। वहीं, पीएमओ पूनम टांक ने कहा कि जरूरी सामान आने में समय लगता है। शल्य चिकित्सा में प्रयुक्त उपकरणों की अनुपलब्धता।

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मंगलवार को सीएमएचओ डॉ. रमा शंकर भारती ने खुले मंच से जालोर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने नर्सिंग कॉलेज के शिलान्यास कार्यक्रम में कहा था कि सीएमएचओ और पीएमओ के तहत बड़ी संख्या में डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं जिससे जिले की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है.