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Rajasthan Breaking News: पोकरण में एम—777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर गन का सफल परीक्षण, चीन सीमा पर तैनात करने की तैयारी शुरू

 
Rajasthan Breaking News: पोकरण में एम—777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर गन का सफल परीक्षण, चीन सीमा पर तैनात करने की तैयारी शुरू

जैसलमेर न्यूज डेस्क। राजस्थान की बड़ी खबर में जैसलमेर जिले से सामने आई है। जैसलमेर के पोकरण में फील्ड फायरिंग रेंज में अमेरिकन एम-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर गन का परीक्षण चल रहा हैं। 155 एमएम की 39 कैलिबर वाली इस तोप की मारक क्षमता 30 से 40 किलोमीटर है। ये परीक्षण अगले कुछ दिन तक जारी रहेंगे। ट्रायल में सफल रहने के बाद इन गनों को चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा। अब तक इस गन का परीक्षण सफल रहा है।

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सूत्रों ने बताया कि इस तोप की खूबी यह है कि ये हल्की होने के कारण इसे फील्ड कर हेलिकॉप्टर के जरिए या अन्य किसी संसाधनों से एक से दूसरे स्थानों पर रखा जा सकता है। खासकर लेह लद्दाख व अरुणाचल प्रदेश के 16 हजार फीट से भी ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर के जरिए इन्हें ले जाया जा सकता है। बोफोर्स तोप जहां 11 टन की भारी थी वहीं होवित्जर गन मात्र 4.4 टन की है। परीक्षण के समय अमेरिकन कंपनी बीएई सिस्टम और भारत में इस तोप को असेंबल करने वाली महिंद्रा डीएलएस के अधिकारी मौजूद भी रहे है।

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भारत ने नवंबर 2016 में करीब 750 मिलियन डॉलर की लागत से 145 होवित्जर की आपूर्ति के लिए अमेरिकी सरकार से सौदा किया था। इसमें 125 होवित्जर तोप अमेरिका से आ चुकी है। रक्षा सूत्रों की मानें तो भारत ने 145 गन का ऑर्डर दिया थे, जिसमें से अब तक 125 गन भारत आ चुकी है।

पहली बार साल 18 मई 2017 को पहली डिलीवरी हुई थी, जिसमें दो गन अमेरिका से पहली बार भारत आई थी। जैसे-जैसे गन आ रही है, वैसे-वैसे इसका ट्रायल किया जा रहा है। रक्षा सूत्रों के अनुसार अब अमेरिका से केवल 20 गन ही आनी है, जो अगस्त 2022 तक आ जाएगी। इन गनों को 7-8 यूनिटों को बांटा गया है। एक यूनिट को करीब 18 गन दी जाएगी।