Rajasthan Breaking News: बीकानेर में पानी की समस्या को लेकर आमरण अनशन पर बैठे देवी सिंह भाटी, जिला कलक्ट्रेट के सामने दिया धरना
बीकानेर न्यूज डेस्क। राजस्थान की बड़ी खबर में आपको बता दें कि प्रदेश में पीने के पानी को लेकर समस्या अधिक बढ़ रहीं है। ऐसे में बीकानेर के रेतीले धोरों में गर्मी के मौसम में पानी की समस्या अधिक होती है। आज बीकानेर जिले में पानी, बिजली सहित अन्य जन समस्याओं को लेकर पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने एक बार फिर धरने पर बैठ गए है। देवी सिंह भाटी आज यहां जिला कलक्ट्रेट कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए है। उनके साथ बड़ी संख्या में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के समर्थक भी डटे हुए हैं।
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#आमरण_अनशन...💬
— Devi Singh Bhati (@DeviSinghBhati_) May 23, 2022
जिला बीकानेर के देहात एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल किल्लत से हाहाकार मचा है* जनता एवं पशु धन पर पीने के पानी का संकट मंडरा रहा है *इस अव्यवस्था के खिलाफ जननेता पूर्व मंत्री देवीसिंह जी भाटी जिला क्लेक्ट्रेट में आमरण अनशन पर बैठेंगे ।। pic.twitter.com/yae3JL9vSE
देवी सिंह भाटी ने इससे पूर्व में 26 मई को हल्ला बोल का आह्वान किया था। इस हल्ला बोल में प्रशासन से जवाब तलबी भी करने की बात कही गई थी। पूर्व मंत्री भाटी अपने इस कार्यक्रम के मद्देनजर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क कर आम जनता को इस हल्ला बोल कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया है। देवी सिंह भाटी भाटी सुबह आज से कलेक्टर कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठें हुए है। अनशन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री भाटी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि जनसमस्याओं को लेकर मैंने पहले भी कई बार अनशन किया है। मैं मरने से नहीं डरता। आमजन का दर्द मुझसे देखा नहीं जाता है। पानी की कमी के चलते लोगों और पशुओं की दशा बिगड़ रहीं है।
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देवी सिंह भाटी ने इंदिरा गांधाी नहर के रखरखाव कार्यो को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए है। उन्होने बताया है कि यह काम तो पहले भी होते आए और कभी पूरें नहीं होंगे। ऐसे में लोगों का पेयजल का पानी ना देना प्रशासन की बड़ी लापरवाहीं है।

देवी सिंह भाटी ने सत्तासीन कांग्रेस के मंत्रियों और भाजपा के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता पानी, बिजली को लेकर त्रस्त और प्रशासन आंखे मूंदे बैठा है। पशुपालकों के लिए पशुओं के लिए चारे व पानी का प्रबंध करना मुश्किल हो गया है। इस विकट दौर में भी सरकार के अधिकारी सोए हुए हैं। वहीं, भाजपा के नेता मुकदमों से डरकर घर में बैठ गए है।
