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Barmer से भारत-पाक के रिश्तों की थार एक्सप्रेस बंद होने से 310 रुपए किराये की जगह दुबई के रास्ते हो रहे हैं एक लाख खर्च

 
Barmer से भारत-पाक के रिश्तों की थार एक्सप्रेस बंद होने से 310 रुपए किराये की जगह दुबई के रास्ते हो रहे हैं एक लाख खर्च

बारमेर न्यूज़ डेस्क, पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच बिगड़े रिश्तों के कारण भारत-पाक के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस बंद कर दी। दो साल बाद भी दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी वैसी ही है। इधर, थार शुरू नहीं होने से दो साल से भारत-पाक के हजारों लोग परेशान हैं। खासकर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर के कई परिवारों की पाक के सिंध, कराची इलाके में रिश्तेदारी है।

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थार एक्सप्रेस के जरिये ये लोग महज 310 रुपए में जोधपुर से पाकिस्तान पहुंच जाते थे, लेकिन अब थार बंद होने से भारत से पाक जाने की सीधी कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में लोगों को करीब एक से सवा लाख रुपए खर्च कर पाक से दुबई के रास्ते भारत आना पड़ रहा है। इसके लिए फ्लाइट का खर्च एक से सवा लाख रुपए आता है।

मुनाबाव और खोखरापार के रास्ते थार एक्सप्रेस की शुरुआत 18 फरवरी, 2006 को हुई थी। हर शुक्रवार को जोधपुर के भगत की कोठी से रात एक बजे थार एक्सप्रेस रवाना होकर दूसरे दिन शनिवार को भारत के अंतिम रेलवे स्टेशन मुनाबाव पहुंचती थी। यहां पाक के खोखरापार से आई ट्रेन में बैठकर यात्री जाते थे।

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दोनों देशों के बीच तय था कि छह माह भारत की थार पाक के रेलवे स्टेशन खोखरापार तक और छह माह पाक की रेल मुनाबाव तक आएगी। दोनों देशों के बीच रेल के लिए बॉर्डर पर तारबंदी पर बीएसएफ गेट खोलती थी। हफ्ते में एक दिन चलने वाली इस रेल में कई बार यात्री ज्यादा होने की स्थिति में अतिरिक्त कोच लगाने पड़ते थे।