Rajasthan Breaking News: अलवर में मंदिर ध्वस्त मामले में एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर गिरी गहलोत सरकार की गाज
अलवर न्यूज डेस्क। राजस्थान की इस वक्त की बड़ी खबर में आपको बता दें कि अलवर के राजगढ़ में मंदिर तोड़ने के मामले में एसडीएम, नगर पालिका ईओ और अध्यक्ष पर राज्य सरकार की गाज गिरी है। राजगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष सतीश दुहारिया और नगर पालिका ईओ बनवारी लाला मीणा को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन कार्रवाई उपनिदेशक डीएलबी की रिपोर्ट के आधार पर हुआ है। जांच रिपोर्ट में विधि विरूद्ध आचरण की बात सामने आने के बाद ये निलंबन की कार्रवाई की गई है।

अलवर के राजगढ़ में मंदिर तोड़ने के मामले में उपनिदेशक डीएलबी की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि निर्माण हटाने से आम लोगों को होने वाले नुकसान और परिणाण को लेकर लापरवाही बरती गई है। जांच रिपोर्ट में विधि विरूद्ध आचरण की बात सामने आने के बाद राजगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष सतीश दुहारिया और नगर पालिका ईओ बनवारी लाला मीणा को निलंबित कर दिया गया है। मामले को लेकर राज्य सरकार ने अब सतीश दुहारिया की न्यायिक जांच का फैसला लिया है और न्यायिक जांच प्रभावित नहीं हो इस लिये सतीश दुहारियो को निलंबित किया गया है। आपको बता दें कि राजगढ़ नगर पालिका में बीजेपी का बोर्ड है और अध्यक्ष भी बीजेपी के ही हैं।
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Alwar temple demolition: Rajasthan govt suspends 3 officials including Rajgarh SDM#saralbharatnews #AlwarDemolition #temple #Rajasthan pic.twitter.com/pU67gvBI5A
— Saral Bharat News (@saralbharatnews) April 26, 2022
अलवर में नगर पालिका ने 85 दुकानों और मकानों को नगरीय मास्टर प्लान के तहत तोड़ दिया था. इसमें कई लोगों के पास अपने मालिकाना हक के कागजात थे, लेकिन कार्रवाई के दौरान कुछ नहीं देखा गया। सबसे बड़ी बात है कि यहां सैकड़ों साल पुराने मंदिरों पर भी बुलडोजर चला दिया गया है। मामले को लेकर ब्रज कल्याण परिषद ने राजगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने प्रदर्शन किया था। राजस्थान का यह मामले पूरे देश में सांप्रदायिक भावना को बढ़ाने ठेस पहुंचाने वाला बन गया था। इस पर कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना शुरू कर दिया था।

वहीं, एडवोके अमितोष ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है। जिसमें सरकार को इस मामले में पार्टी बनाया गया है। ऐसे में अब जल्द ही इस मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है और इस कार्रवाई में दोषी अधिकारियों पर एक बार फिर से गाज गिरने वाली है। फिलहाल गहलोत सरकार ने जांच कमेटी के की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम केशव कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष सतीश दुहारिया और ईओ बनवारी लाल मीणा को संस्पेंड कर दिया है।
