उदयपुर नगर निगम भूखंड घोटाले में विपिन कोठारी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज से लीजडीड जारी करवाने का आरोप
उदयपुर नगर निगम के बहुचर्चित भूखंड घोटाले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विपिन कोठारी को गिरफ्तार किया है। एसओजी के अनुसार, आरोपी पर वर्ष 2004 में नगर विकास न्यास (UIT) से नगर निगम को हस्तांतरित किए गए खाली और निरस्त भूखंडों के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर उनके आधार पर नगर निगम से लीजडीड जारी करवाने का आरोप है। अदालत ने आरोपी को 15 सितंबर 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
खाली और निरस्त भूखंडों को बनाया निशाना
एसओजी के मुताबिक, वर्ष 2004 में UIT उदयपुर से नगर निगम को कई भूखंड हस्तांतरित किए गए थे। इनमें कुछ भूखंड खाली या निरस्त स्थिति में थे। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर इन भूखंडों से जुड़े कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए।इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर इन दस्तावेजों के आधार पर भूखंडों की लीजडीड जारी करवाई गई। जांच में इस पूरे मामले को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है।
अपने नाम करवाया मुख्तियारनामा, फिर बेचे भूखंड
जांच के दौरान एसओजी को पता चला कि विपिन कोठारी ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर कई भूखंडों के संबंध में अपने नाम मुख्तियारनामा आम (पावर ऑफ अटॉर्नी) करवाया। इसके बाद इन भूखंडों को आगे बेचकर कथित तौर पर भारी मुनाफा कमाया गया।एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर लीजडीड जारी करवाने और बाद में भूखंडों की बिक्री तक इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
2022 में दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में उदयपुर के सूरजपोल थाने में प्रकरण संख्या 97/2022 दर्ज किया गया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।एसओजी के अनुसार, विपिन कोठारी लंबे समय से वांछित था। उदयपुर एसओजी यूनिट की टीम ने लगातार तलाश के बाद उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड मिला।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
एसओजी के मुताबिक, इस मामले में विपिन कोठारी सहित अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में विक्रम कुमार ताकड़िया, नितेश कोठारी, हेमलता कांकरिया, राकेश सोलंकी उर्फ बुक्का, निर्मल टेलर उर्फ गोपाल, भागीरथ गायरी, दीपक कुमावत, दीपक सिंह चौहान और राजदीप सिंह के नाम सामने आए हैं।
रिमांड में खुलेगा फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क
एसओजी अब विपिन कोठारी से पूछताछ कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, नगर निगम से लीजडीड जारी करवाने और भूखंडों के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। साथ ही जांच एजेंसी नगर निगम से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की कथित भूमिका और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। फिलहाल एसओजी की कार्रवाई के बाद उदयपुर के इस बहुचर्चित भूखंड प्रकरण में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना बनी हुई है।
