उदयपुर का जगदीश मंदिर मना रहा 374वां पाटोत्सव, दो दिवसीय कार्यक्रमों की धूम
राजस्थान के उदयपुर शहर स्थित प्रसिद्ध जगदीश मंदिर इन दिनों अपना 374वां पाटोत्सव धूमधाम से मना रहा है। इस अवसर पर आज से दो दिवसीय धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया है। मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया है और दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
पाटोत्सव के तहत विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पुजारियों द्वारा भगवान की विशेष आरती की गई और मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। शाम के समय भव्य झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
इस मंदिर का इतिहास भी बेहद रोचक और आस्था से जुड़ा हुआ है। लोक मान्यता के अनुसार महाराणा जगत सिंह प्रथम को भगवान जगन्नाथ स्वामी ने स्वप्न में दर्शन दिए थे। इसके बाद उन्होंने उदयपुर में भगवान की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया और भव्य मंदिर का निर्माण करवाया। यह मंदिर आज भी मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।
करीब साढ़े तीन सौ साल पुराने इस मंदिर की वास्तुकला भी लोगों को आकर्षित करती है। मंदिर ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है और इसकी नक्काशीदार संरचना पर्यटकों और श्रद्धालुओं को समान रूप से प्रभावित करती है। पाटोत्सव के दौरान यहां का माहौल और भी खास हो जाता है, जब भक्ति और उत्सव का संगम देखने को मिलता है।
प्रशासन ने भी आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
पाटोत्सव के इस खास मौके पर उदयपुर शहर में उत्सव जैसा माहौल है। श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। आने वाले दो दिनों तक मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और आस्था की गूंज सुनाई देती रहेगी।
