Udaipur महीने से हरी झंडी का इंतजार कर रही है वंदे भारत, 11 अगस्त को चेन्नई से जिले में आई थी

उदयपुर न्यूज़ डेस्क, उदयपुर वंदे भारत को उदयपुर आए आज एक महीना पूरा हो गया है। 11 अगस्त को आठ कोच वाली ये ट्रेन चेन्नई से उदयपुर पहुंची तो शहरवासियों में नई उम्मीद जगी थी। उदयपुर से जयपुर के बीच चलने वाली इस ट्रेन से पर्यटन में इजाफा होगा। 13 अगस्त को उदयपुर से जयपुर और जयपुर से उदयपुर के बीच इसका सफल ट्रायल भी हो चुका है। ट्रायल के बाद इसके जल्द शुरू होने का अनुमान था। लेकिन पिछले एक माह से यह ट्रेन उद्घाटन के इंतजार में सिटी स्टेशन की लाइन नंबर 6 पर खड़ी है। इसका शुभारंभ नहीं होने से रेलवे को हर रोज 5 से 8 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। रेलवे प्रबंधन सप्ताह में एक बार मेंटेनेंस के नाम पर ट्रेन को चालू और बंद करता है। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दौरे के दौरान भी शहर के लोगों ने इस ट्रेन को शुरू करने के लिए ज्ञापन सौंपा था। दरअसल, इसके शुभारंभ की घोषणा प्रधानमंत्री कार्यालय से होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही इसे हरी झंडी दिखाएंगे। आचार संहिता से पहले इसे शुरू किया जा सकता है।
8 कोच वाली इस ट्रेन में करीब 530 सीटें हैं। जानकारों का कहना है कि इसका संभावित किराया 1000 से 1500 के बीच रह सकता है। ऐसे में अगर हर रोज एक फेरे (आने-जाने) में 500 यात्री भी सफर करते हैं और किराया 1000 भी रहता है तो रेलवे की रोज 5 लाख की आय होगी। यानी रेलवे को अब तक डेढ़ करोड़ का नुकसान हो चुका है। लेकिन अगर यह ट्रेन अपनी पूरी क्षमता से यात्री लेकर चली तो आंकड़ा दोगुना यानी तीन करोड़ तक पहुंच जाएगा। अभी उदयपुर से जयपुर के बीच 8 ट्रेनें चल रही हैं। इनमें से 4 प्रतिदिन चलती हैं। पहली सुबह 6 बजे, जबकि दूसरी 12:25 बजे है। इसी बीच वंदे भारत का प्रस्तावित समय 8 बजकर 10 मिनट है। ऐसे में यात्रियों के लिए ये फायदेमंद होगी। इधर, अजमेर मंडल के डीआरएम राजीव धनकड़ का कहना है कि वंदे भारत और हेरिटेज ट्रेन के शुभारंभ की अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है। हम अभी इसकी कार्यप्रणाली पर काम कर रहे हैं।
उदयपुर से खजुराहो चलने वाली ट्रेन अब सितंबर अंत तक आधी दूरी ही तय करेगी। ये सोमवार से खजुराहो के बजाय आगरा कैंट तक ही जाएगी। झांसी मंडल के वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन पर वॉशेबल एप्रेन के लिए ट्रैफिक ब्लॉक लिया है। ऐसे में यह ट्रेन 11 से 28 सितंबर तक आगरा कैंट तक ही चलेगी। खजुराहो से उदयपुर आने वाली ट्रेन 13 से 30 सितंबर तक आगरा से संचालित होगी। ये ट्रेन खजुराहो-आगरा कैंट स्टेशनों के बीच रद्द रहेगी। सुभाष बंसल| देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को प्रदेश में शीघ्र ही दार्जिलिंग जैसे रोमांचकारी सफर की सौगात मिलने वाली है। इसके लिए मारवाड़ से कामली घाट-देवगढ़ (करीब 47 किमी) तक शुरू होने वाली हैरिटेज ट्रेन के लिए रविवार को ट्रायल किया गया। उत्तर-पश्चिम रेलवे ने इस ट्रेन में एक एस्ट्राडोम डिब्बा लगाकर मावली से फुलाद तक यह ट्रायल किया। इस डिब्बे में 60 सीटें हैं। बता दें कि मारवाड़-कामली घाट हैरिटेज ट्रेन मीटरगेज रेल मार्ग पर संचालित हाेगी। इसके लिए डीजल इंजन काे स्टीम इंजन का लुक दिया गया है। कांच की बड़ी खिड़कियाें वाले डिब्बे (एस्ट्राडोम) तैयार किए गए हैं। ऐसे में सफर के दाैरान पर्यटक प्राकृतिक साैंदर्य को निहारने के साथ दुर्लभ दृश्य कैमरों में कैद कर सकेंगे। इस रूट पर ब्रिटिशकाल में बने ब्रिज के ऊपर से ट्रेन सर्पिलाकार रूट से कहीं तेज ताे कहीं धीमी गति से गुजरेगी।