उदयपुर ग्रामीण के विधायक फूलसिंह मीणा ने 68 साल की उम्र में MA की अंतिम वर्ष परीक्षा पूरी की
उदयपुर ग्रामीण से विधायक फूलसिंह मीणा ने अपनी शिक्षा की लगन का एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। 68 वर्ष की उम्र में उन्होंने मास्टर ऑफ आर्ट्स (MA) की अंतिम वर्ष की परीक्षा सफलतापूर्वक दी है। यह कदम उनके जीवन में सीखने की अनवरत लगन और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
फूलसिंह मीणा के जीवन की कहानी भी कम प्रेरक नहीं है। मात्र 15 साल की उम्र में पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई रोकनी पड़ी थी। हालांकि, जीवन में उन्होंने राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए अपने गांव और जिले के विकास में योगदान दिया। इसके बावजूद उनके भीतर पढ़ाई और ज्ञान की प्यास हमेशा जिंदा रही।
अंततः, कई वर्षों बाद उन्होंने शिक्षा को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया और मास्टर डिग्री के लिए दाखिला लिया। विधायक ने कठिन परिश्रम और नियमित अध्ययन के साथ अपनी परीक्षा पूरी की। उनके इस साहसिक कदम ने न केवल उनके समर्थकों बल्कि आम जनता में भी एक नई प्रेरणा जगाई है।
राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक कार्यकर्ता इस उपलब्धि को सराहनीय मान रहे हैं। उनका कहना है कि फूलसिंह मीणा का यह कदम यह संदेश देता है कि शिक्षा के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। चाहे जीवन में कितनी भी चुनौतियां क्यों न हों, सीखने की इच्छा और लगन हमेशा सफलता की ओर ले जाती है।
विधायक ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं था, बल्कि यह अपने जीवन में शिक्षा के महत्व को दर्शाने और युवाओं को प्रेरित करने का एक प्रयास भी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें और कभी भी सीखने की इच्छा को कमजोर न होने दें।
फूलसिंह मीणा की इस उपलब्धि को सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सराहना मिल रही है। उनके साथियों और समर्थकों ने भी सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से उन्हें बधाई दी है।
विधायक फूलसिंह मीणा का यह कदम साबित करता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। उनके अनुभव और शिक्षा का संगम न केवल उनके व्यक्तित्व को समृद्ध करेगा, बल्कि समाज और युवाओं के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह घटना प्रेरणा देती है कि कठिन परिस्थितियों और उम्र के बावजूद व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है, बस जरूरत है तो लगातार प्रयास और सीखने की लगन की।
