उदयपुर पुलिस में बड़ी कार्रवाई: प्रॉपर्टी डीलर आत्महत्या मामले में दो कर्मियों को लाइन हाजिर
उदयपुर पुलिस ने एक गंभीर प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिले के SP योगेश गोयल ने सवीना थाने के थानाधिकारी भंवरलाल माली और कॉन्स्टेबल सतपाल सिंह को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया है। यह कदम 27 दिसंबर को थाना क्षेत्र में हुई एक प्रॉपर्टी डीलर की जहर खाकर आत्महत्या से जुड़े मामले में आरोपों के आधार पर उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या के समय प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ कुछ मिलीभगत और अनदेखी के आरोप लगे थे। मृतक के परिजनों ने यह आरोप लगाया कि थाने के अधिकारी और पुलिसकर्मी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे थे और इसमें मिलीभगत भी शामिल हो सकती है। इस पर पुलिस उच्चाधिकारियों ने जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच में थानाधिकारी और कॉन्स्टेबल की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
SP योगेश गोयल ने कहा कि पुलिस में ईमानदारी और जवाबदेही सर्वोपरि है। किसी भी अधिकारी या कर्मी की लापरवाही या संदेहास्पद गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए भंवरलाल माली और सतपाल सिंह को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया, ताकि जांच निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से की जा सके।
स्थानीय लोगों और समाजसेवी संगठनों ने इस कदम को सकारात्मक माना है। उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन को जनता के विश्वास को बनाए रखना चाहिए और अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच उच्च स्तरीय अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। इसके अंतर्गत मृतक की आत्महत्या के कारणों की गहन समीक्षा, थाने के रिकॉर्ड, कर्मियों के रिकार्ड और घटना से जुड़े सभी दस्तावेजों का अध्ययन किया जाएगा। SP गोयल ने आश्वासन दिया है कि सच सामने आने पर कानूनी कार्रवाई पूरी तेजी और निष्पक्षता के साथ की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पुलिस विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्न उठाती हैं। इस कारण पुलिस में समय-समय पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि आम जनता का भरोसा कायम रहे।
