उदयपुर पॉक्सो कोर्ट-2 का बड़ा आदेश, जांच में लापरवाही पर दो डीएसपी पर कार्रवाई के निर्देश
उदयपुर स्थित POCSO Court-2 Udaipur ने नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस जांच के दौरान बरती गई कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में तत्कालीन जांच अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश करते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में जांच अधिकारी रहे दो पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) — शिप्रा राजावत और तपेंद्र मीणा — पर जांच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। कोर्ट ने अपने अवलोकन में पाया कि मामले की जांच अपेक्षित गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ नहीं की गई, जबकि यह एक नाबालिग से जुड़े यौन अपराध का मामला था, जो कि विशेष कानून POCSO Act 2012 के अंतर्गत आता है।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि किसी भी तरह की लापरवाही पीड़ित के न्याय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। अदालत ने यह भी माना कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को अनदेखा किया गया, जिससे मामले की दिशा प्रभावित होने की संभावना बनी।सूत्रों के अनुसार, कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि दोनों डीएसपी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अदालत का यह आदेश पुलिस जांच प्रणाली की जवाबदेही पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
मामले में यह भी सामने आया कि जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्यों के संकलन और प्रक्रिया में गंभीर कमियां पाई गईं। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच अनिवार्य है, ताकि पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। उच्चाधिकारियों द्वारा मामले की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी गई है। वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों की जांच प्रक्रिया को और अधिक सख्त और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फिलहाल, मामले की आगे की कार्रवाई पुलिस प्रशासन और विभागीय जांच पर निर्भर करेगी। अदालत के इस सख्त रुख के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि संवेदनशील मामलों में लापरवाही को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
