उदयपुर नगर निगम चुनाव: 220 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद, 2019 के मुकाबले 12% बढ़ा मतदान
नगर निगम चुनाव में मतदान समाप्त होने के साथ ही शहर की सरकार का फैसला ईवीएम में कैद हो गया है। उदयपुर नगर निगम के चुनाव में इस बार कुल 220 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनका सियासी भविष्य अब मतगणना के दिन तय होगा। खास बात यह रही कि इस बार मतदान प्रतिशत में बड़ा उछाल देखने को मिला है।
नगर निगम चुनाव में इस बार वर्ष 2019 के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है। मतदान प्रतिशत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने राजनीतिक दलों के बीच नए समीकरणों को जन्म दे दिया है। अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल बढ़े हुए मतदान को अपने पक्ष में बताने में जुटे हैं।
बढ़े मतदान से बदले सियासी समीकरण
उदयपुर नगर निगम चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ने को राजनीतिक जानकार काफी अहम मान रहे हैं। आमतौर पर अधिक मतदान को मतदाताओं के उत्साह और बदलाव के संकेत से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि इसका फायदा किस दल को मिलेगा, यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ने चुनाव प्रचार के दौरान अपने-अपने मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच बनाई थी। अब मतदान के आंकड़ों के आधार पर दोनों दल वार्डवार जीत-हार का अनुमान लगाने में जुट गए हैं।
2009 के बाद पहली बार बड़ा उछाल
उदयपुर नगर निगम चुनाव में मतदान प्रतिशत में यह बढ़ोतरी लंबे समय बाद देखने को मिली है। इससे पहले वर्ष 2009 के चुनाव में मतदान में 11 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया था। इस बार करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने चुनाव को लेकर राजनीतिक उत्सुकता और बढ़ा दी है।
भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला
नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। दोनों दलों की प्रतिष्ठा दांव पर है और बोर्ड बनाने के लिए बहुमत हासिल करना उनकी प्राथमिकता होगी।
वहीं, कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी मुकाबले को रोचक बनाया है। अगर किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
अब ईवीएम खुलने का इंतजार
मतदान खत्म होने के बाद प्रत्याशी और समर्थक अब परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। सभी दल अपने-अपने स्तर पर जीत के दावे कर रहे हैं और संभावित समीकरणों पर चर्चा कर रहे हैं।
अब मतगणना के बाद ही साफ होगा कि उदयपुर नगर निगम की सत्ता किस दल के हाथों में जाएगी और शहर की नई सरकार कौन बनाएगा।
