उदयपुर में राशन कार्ड की जानकारी समय पर नहीं दी, जिला रसद अधिकारी पर 5 हजार का जुर्माना
उदयपुर में राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराना जिला रसद अधिकारी को भारी पड़ गया। राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जिला रसद अधिकारी (ग्रामीण), उदयपुर पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
सूचना देने में हुई देरी
मामला राशन कार्ड से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में हुई देरी से जुड़ा है। संबंधित व्यक्ति ने सूचना के अधिकार यानी RTI के तहत जानकारी मांगी थी। निर्धारित समय में सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने के बाद मामला राजस्थान राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा।आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए अधिकारियों की ओर से सूचना उपलब्ध कराने में हुई देरी को गंभीरता से लिया।
सूचना आयोग ने लगाया जुर्माना
राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने सुनवाई के बाद जिला रसद अधिकारी (ग्रामीण), उदयपुर पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आयोग की कार्रवाई का उद्देश्य सूचना के अधिकार कानून के तहत निर्धारित समय सीमा में आवेदकों को जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी तय करना है।आयोग ने स्पष्ट किया कि सरकारी विभागों में RTI के तहत मांगी गई जानकारी को निर्धारित प्रक्रिया और समय सीमा के अनुसार उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
इस कार्रवाई के बाद राशन कार्ड और खाद्य आपूर्ति विभाग से जुड़े मामलों में सूचना देने की प्रक्रिया को लेकर भी अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर दिया गया है। RTI के तहत मांगी गई सूचना को समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। उदयपुर के इस मामले में 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाए जाने के बाद विभागीय स्तर पर भी इसे गंभीरता से देखा जा रहा है।
