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उदयपुर में महिला नेता के कथित वीडियो प्रकरण पर बीजेपी में मंथन तेज, इस्तीफे की बजाय दूसरे फॉर्मूले पर चर्चा

 
उदयपुर में महिला नेता के कथित वीडियो प्रकरण पर बीजेपी में मंथन तेज, इस्तीफे की बजाय दूसरे फॉर्मूले पर चर्चा

उदयपुर में बीजेपी की एक महिला नेता के कथित वीडियो से जुड़े मामले ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इस प्रकरण में बड़े नेताओं के नामों की चर्चा के बाद पार्टी संगठन अब सक्रिय हो गया है और मामले के समाधान को लेकर अंदरूनी स्तर पर मंथन शुरू कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर जयपुर और दिल्ली स्तर पर वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा हुई है।

सूत्रों की मानें तो पार्टी फिलहाल इस मामले में इस्तीफा लेने जैसे कड़े कदम से बचने के विकल्पों पर विचार कर रही है। इसके बजाय संगठनात्मक स्तर पर दूसरे फॉर्मूले पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे विवाद को शांत किया जा सके और पार्टी की छवि पर ज्यादा असर न पड़े। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले को संवेदनशील मानते हुए संतुलित निर्णय लेने की दिशा में काम कर रहा है।

बताया जा रहा है कि इस प्रकरण के सामने आने के बाद पार्टी के प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने पूरी रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद मामले के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि बिना पूरी जांच और तथ्यों की पुष्टि के कोई बड़ा फैसला लेना जल्दबाजी होगी।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी महिला नेता से भी इस मामले में स्पष्टीकरण लिया जा सकता है। साथ ही, संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और विवाद को सीमित रखने के लिए कुछ आंतरिक कदम उठाए जाने की संभावना है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।

इस मामले को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चाएं जारी हैं। वहीं, विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं और स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया दे सकते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सतर्कता बरत रहा है।

गौरतलब है कि राजस्थान की राजनीति में इस तरह के विवाद सामने आने पर संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर कई तरह के फैसले लिए जाते रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में पार्टी नेतृत्व की अगली रणनीति और फैसला आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकता है।

सूत्रों का कहना है कि पार्टी का मुख्य फोकस विवाद को जल्द शांत करने और संगठन की एकजुटता बनाए रखने पर है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में कोई स्पष्ट निर्णय सामने आ सकता है।