केंद्रीय OBC सर्टिफिकेट की मांग तेज, सांसद रावत ने केंद्र से की सभी कलाल उपवर्गों को सूची में शामिल करने की अपील
केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रमाण पत्र की मांग को लेकर कलाल समाज का आंदोलन तेज होता जा रहा है। समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को समर्थन देते हुए सांसद रावत ने केंद्र सरकार से सभी कलाल उपवर्गों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे समाज के हजारों युवाओं को शिक्षा और रोजगार में केंद्र सरकार की योजनाओं एवं आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।
सांसद रावत ने कहा कि राज्य स्तर पर ओबीसी वर्ग में शामिल होने के बावजूद कलाल समाज के कई उपवर्ग केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल नहीं हैं। इसके कारण समाज के लोगों को केंद्रीय नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और अन्य केंद्रीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कलाल समाज के सभी उपवर्गों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। उनका कहना है कि इससे लंबे समय से चली आ रही समाज की मांग पूरी होगी और युवाओं को समान अवसर मिल सकेंगे।
कलाल समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को लेकर अपनी मांग दोहराई। उनका कहना है कि केंद्रीय ओबीसी प्रमाण पत्र नहीं मिलने से समाज के विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, केंद्रीय सेवाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के दौरान कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार केंद्र सरकार और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। अब सांसद के समर्थन के बाद उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
समाज के लोगों का कहना है कि यदि सभी उपवर्गों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल किया जाता है तो इससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं, सांसद रावत ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाते रहेंगे, ताकि समाज की लंबे समय से लंबित मांग का जल्द समाधान हो सके।
