उदयपुर में जिस कार में हुई थी दो करोड़ की डील, वह जब्त; खनन कारोबारी की बताई जा रही गाड़ी
उदयपुर के बहुचर्चित 272 भूखंड प्रकरण से जुड़े दो करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब एसीबी ने उस कार को भी जब्त किया है, जिसमें शिकायतकर्ता और एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी की कथित तौर पर मुलाकात हुई थी। बताया जा रहा है कि यह कार एक खनन कारोबारी की है। एसीबी कार की भूमिका और उससे जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
इस मामले में एसीबी ने कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद एएसपी मुकेश कुमार सोनी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार किया गया। एसीबी के अनुसार, रिश्वत की कथित डील 272 भूखंड प्रकरण में आरोपियों को राहत दिलाने से जुड़ी थी।
कार में हुई थी कथित मुलाकात
जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता की मुलाकात एएसपी मुकेश सोनी से एक कार में कराई गई थी। आरोप है कि इसी दौरान रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत हुई। एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार किसके नाम पर है और इसका इस्तेमाल इस मुलाकात के लिए किस तरह किया गया।
बताया जा रहा है कि जब्त की गई कार एक खनन व्यवसायी की है। एसीबी कार के मालिक और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। हालांकि, कार के मालिक का इस कथित रिश्वत कांड में क्या संबंध है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
दो करोड़ की रकम में 4 लाख असली नोट
एसीबी की ट्रैप कार्रवाई में कथित दलाल सज्जन सिंह जैन को दो करोड़ रुपये की रकम लेते पकड़ा गया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस रकम में चार लाख रुपये असली थे, जबकि 1.96 करोड़ रुपये डमी नोट बताए गए हैं। एसीबी ने ट्रैप के बाद रकम को जब्त कर जांच शुरू की।
आज भी होगी एएसपी और दलाल से पूछताछ
एसीबी की जांच में अब एएसपी मुकेश सोनी और कथित दलाल सज्जन सिंह से पूछताछ पर फोकस है। दोनों से आमने-सामने पूछताछ कर कथित रिश्वत डील की पूरी कड़ी समझने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि दो करोड़ रुपये की रकम किसके लिए मांगी गई थी और इस मामले में अन्य कौन-कौन लोग संपर्क में थे।
यह मामला उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े प्रकरण से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गिरफ्तार आरोपियों को राहत दिलाने, अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने और जब्त दस्तावेज वापस दिलाने के बदले कथित तौर पर दो करोड़ रुपये मांगे गए थे।
फिलहाल एसीबी कार, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच के साथ दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस कथित रिश्वत कांड में अन्य लोगों की भूमिका और कार के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
