उदयपुर में हाईवे किनारे अतिक्रमण पर सख्ती, 437 चिन्हित कब्जे हटाने की तैयारी; ब्लैक स्पॉट भी होंगे ठीक
राजस्थान के उदयपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधीन सड़कों पर 370 और पीडब्ल्यूडी एनएच के अधीन 67 चिन्हित अतिक्रमण अब भी हटाए जाने बाकी हैं। जिला प्रशासन ने इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान तेज करने की बात कही है।
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित करने वाले अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए। साथ ही जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को जल्द ठीक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, कई स्थानों पर सड़क किनारे अवैध निर्माण, दुकानें और अन्य अतिक्रमण यातायात में बाधा बन रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है और हाईवे पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने से सड़कें सुरक्षित और सुगम बन सकेंगी।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। जिला कलेक्टर ने कहा कि जिन स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां तुरंत सुधार कार्य शुरू किए जाएं। इनमें सड़क चौड़ीकरण, संकेतक बोर्ड, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा बैरियर लगाने जैसे कार्य शामिल हैं।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। NHAI, पीडब्ल्यूडी और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे ताकि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों से भी प्रशासन ने सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है और अवैध कब्जों से आम लोगों को ही नुकसान होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर बढ़ते अतिक्रमण सड़क हादसों की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। ऐसे में समय रहते कार्रवाई जरूरी है। उदयपुर जिले में प्रशासन की यह पहल यातायात व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में अतिक्रमण हटाने का अभियान और तेज किया जाएगा। साथ ही ब्लैक स्पॉट्स को सुधारकर सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जाएगा।
