उदयपुर में पंचायतीराज चुनाव की जिम्मेदारी संभालेंगे पारस सिंघवी, बीजेपी ने घोषित किए जिला चुनाव प्रभारी
राजस्थान में आगामी पंचायतीराज चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। बीजेपी ने प्रदेश के सभी संगठनात्मक जिलों में जिला चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। उदयपुर जिले की चुनावी जिम्मेदारी पार्टी ने उदयपुर नगर निगम के महापौर पारस सिंघवी को सौंपी है। पार्टी की ओर से जारी सूची में उदयपुर संभाग के कई अन्य जिलों के लिए भी नेताओं को चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
पारस सिंघवी को उदयपुर की जिम्मेदारी
बीजेपी की ओर से जारी सूची में उदयपुर को लेकर खास तौर पर पारस सिंघवी का नाम सामने आया है। सिंघवी वर्तमान में उदयपुर नगर निगम के महापौर हैं। पार्टी ने उन्हें अपने ही जिले में पंचायतीराज चुनाव के लिए जिला चुनाव प्रभारी बनाया है।
आमतौर पर बीजेपी ने कई जिलों में दूसरे क्षेत्रों के नेताओं को चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में उदयपुर में स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेता को जिम्मेदारी दिया जाना इस सूची की प्रमुख बातों में शामिल है।
गरासिया और किरण जैन को चित्तौड़गढ़ की कमान
चित्तौड़गढ़ जिले के लिए राज्यसभा सदस्य चुन्नीलाल गरासिया और डॉ. किरण जैन को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। दोनों नेता जिले में पार्टी के चुनावी संगठन और तैयारियों के बीच समन्वय का काम संभालेंगे।
वहीं राजसमंद जिले की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश महामंत्री सुशील कटारिया और पूर्व विधायक विठ्ठल शंकर अवस्थी को दी गई है। प्रतापगढ़ में बांसवाड़ा के सभापति मुकेश रावत को प्रभारी बनाया गया है।
सलूंबर और डूंगरपुर में भी नियुक्तियां
सलूंबर जिले की चुनावी जिम्मेदारी उदयपुर देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष तख्त सिंह शक्तावत और डूंगरपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश पाटीदार को सौंपी गई है। वहीं डूंगरपुर जिले के लिए बांसवाड़ा के पूर्व जिलाध्यक्ष लाभचंद पटेल को चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
बीजेपी ने प्रदेश के 41 जिलों में 72 जिला चुनाव प्रभारी नियुक्त किए हैं। सूची में छह मौजूदा विधायक, एक राज्यसभा सदस्य और उदयपुर के महापौर भी शामिल हैं। कई विधायकों को उनके गृह जिले से अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।
पंचायत चुनाव की तैयारियों को मिलेगी गति
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने चरणवार कार्यक्रम जारी किया है। उदयपुर उन जिलों में शामिल है जहां चुनाव तीन चरणों में होंगे। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार जिले में अलग-अलग पंचायत समितियों में चरणवार मतदान कराया जाएगा।
बीजेपी की ओर से जिला चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति के बाद अब संबंधित नेता स्थानीय संगठन के साथ मिलकर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे। इन प्रभारियों की भूमिका संगठन और चुनावी गतिविधियों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण रहेगी।
