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उदयपुर में 2 करोड़ की रिश्वत के मामले में नया खुलासा, ASP मुकेश सोनी के दफ्तर से मिलीं 41 फाइलें; रीडर भी जांच के घेरे में

 
उदयपुर में 2 करोड़ की रिश्वत के मामले में नया खुलासा, ASP मुकेश सोनी के दफ्तर से मिलीं 41 फाइलें; रीडर भी जांच के घेरे में

उदयपुर के 272 प्लॉट प्रकरण से जुड़े 2 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB को SOG के गिरफ्तार एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी के कार्यालय से नगर निगम के 41 अलग-अलग भूखंडों से जुड़ी फाइलें मिली हैं। इन फाइलों की जांच में भूखंडों के नंबर बदलने और रिकॉर्ड से फाइलों के गायब होने से जुड़े सवाल सामने आए हैं।

41 फाइलों की जांच में क्या सामने आया?

ACB अब उन 41 फाइलों की पड़ताल कर रही है, जो मुकेश सोनी के कार्यालय से बरामद हुई हैं। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि यूडीए से नगर निगम को हस्तांतरित कुछ कॉलोनियों के भूखंडों की मूल फाइलें निगम के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं थीं। बाद में सामने आई कुछ फाइलों में भूखंडों के नंबर बदले हुए पाए गए।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मूल फाइलें कहां रहीं, नए नंबर वाली फाइलें कब तैयार हुईं और इन बदलावों से किसे फायदा हुआ। मामले में निगम और यूडीए से जुड़े कर्मचारियों-अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

2 करोड़ की रिश्वत के आरोप में कैसे हुई गिरफ्तारी?

ACB ने 26 सितंबर को कथित दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को 2 करोड़ रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन 27 सितंबर को SOG के ASP मुकेश कुमार सोनी को भी गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि 272 प्लॉट प्रकरण में राहत दिलाने, कुछ लोगों को अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने और गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए सामान से जुड़े मामलों में मदद के बदले रिश्वत की मांग की गई थी।

ACB की कार्रवाई में दलाल के पास से 4 लाख रुपये असली और करीब 1.96 करोड़ रुपये के डमी नोट बरामद किए गए थे। एजेंसी ने इस पूरी रकम को 2 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत डील का हिस्सा बताया है।

ASP के आईफोन का पासवर्ड भी बना जांच का अहम हिस्सा

पूछताछ के दौरान ACB आरोपी ASP के आईफोन का पासवर्ड हासिल करने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोनी ने फोन का पासवर्ड बताने से इनकार किया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि फोन से मामले से जुड़ी कॉल, चैट और अन्य डिजिटल जानकारी मिल सकती है।

वहीं, एसीबी की पूछताछ में मुकेश सोनी ने रिश्वत मांगने के आरोपों से इनकार किया है। एजेंसी अब डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

SOG के रीडर की भूमिका भी जांच के घेरे में

मामले में SOG के रीडर जसवंत राव की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार वह 26 सितंबर के बाद से कार्यालय नहीं पहुंचा और उसका मोबाइल भी बंद बताया जा रहा है। ACB उसकी तलाश कर रही है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के दौरान उसके घर से कुछ सामान जब्त किया गया था, लेकिन वह पूरा सामान जब्ती रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया। ACB इन आरोपों और रीडर की भूमिका से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।

फिलहाल मुकेश सोनी और सज्जन सिंह जैन ACB की जांच में हैं और अदालत ने उनकी रिमांड 3 अक्टूबर तक बढ़ाई है। जांच एजेंसी 272 प्लॉट प्रकरण, कथित रिश्वत डील, बरामद फाइलों और डिजिटल साक्ष्यों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।