NCRB रिपोर्ट में खुलासा: देश की जेलें क्षमता से कहीं ज्यादा भरी, 5.11 लाख कैदी बंद, व्यवस्था पर गंभीर सवाल
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की पीएसआई (Prison Statistics India) 2024 रिपोर्ट ने देश की जेल व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर की जेलों की कुल क्षमता 4 लाख 53 हजार 769 कैदियों की है, जबकि वर्तमान में इन जेलों में 5 लाख 11 हजार 542 कैदी बंद हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि देश की जेलें अपनी क्षमता से अधिक दबाव में काम कर रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की मौजूदगी ने ओवरक्राउडिंग की गंभीर समस्या को उजागर किया है। कई जेलों में स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि एक-एक बैरक में क्षमता से कहीं अधिक कैदियों को रखा जा रहा है, जिससे न केवल स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर पड़ रहा है, बल्कि कैदियों के मानवाधिकारों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति का मुख्य कारण लंबित मुकदमों की बड़ी संख्या है। देश में बड़ी संख्या में ऐसे कैदी हैं जो अभी तक अदालत से दोषी साबित नहीं हुए हैं, लेकिन जमानत न मिलने के कारण जेल में बंद हैं। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि विचाराधीन कैदियों (undertrial prisoners) की संख्या जेल व्यवस्था पर सबसे अधिक बोझ डाल रही है।
NCRB की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई राज्यों में जेलों की स्थिति राष्ट्रीय औसत से भी अधिक खराब है, जहां क्षमता से 150 प्रतिशत या उससे अधिक कैदी रखे जा रहे हैं। इससे न केवल जेल प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है, बल्कि संसाधनों की कमी भी एक बड़ी चुनौती बन गई है।
मानवाधिकार संगठनों ने इस रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने और वैकल्पिक सजा प्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि छोटे अपराधों और गैर-हिंसक मामलों में जमानत और सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि जेलों पर बढ़ता बोझ कम हो सके।
वहीं, सरकार की ओर से भी समय-समय पर जेल सुधार और नई जेलों के निर्माण की योजनाएं बनाई जाती रही हैं, लेकिन मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।
फिलहाल NCRB की यह रिपोर्ट देश की न्यायिक और जेल व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई है, जिस पर तत्काल और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
