मृत पशुओं को नदी में फेंकने पर रोक: लोक अदालत ने वल्लभनगर पालिका को लगाई फटकार, निर्धारित स्थान पर निस्तारण के निर्देश
राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर लोक अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। वल्लभनगर नगरपालिका द्वारा मृत पशुओं को नदी में फेंकने के मामले में लोक अदालत ने नाराजगी जताते हुए पालिका प्रशासन को फटकार लगाई है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि मृत पशुओं का निस्तारण केवल निर्धारित स्थान और नियमों के अनुसार ही किया जाए।
लोक अदालत ने कहा कि नदी और जल स्रोतों में मृत पशुओं को डालना पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। इससे जल प्रदूषण बढ़ता है और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
नदी में मृत पशु डालने की शिकायत पर हुई सुनवाई
मामला सामने आने के बाद लोक अदालत में इसकी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वल्लभनगर क्षेत्र में मृत पशुओं को नदी में फेंका जा रहा था, जिससे जल स्रोत दूषित हो रहे हैं।
इस पर लोक अदालत ने नगरपालिका अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए और भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं दोहराने की चेतावनी दी।
निर्धारित जगह पर करें निस्तारण
लोक अदालत ने स्पष्ट किया कि मृत पशुओं के निस्तारण के लिए प्रशासन द्वारा तय स्थान का ही उपयोग किया जाए। इसके लिए वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत ने कहा कि नगर निकायों की जिम्मेदारी है कि वे क्षेत्र की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दें।
लापरवाही से फैल सकता है प्रदूषण
विशेषज्ञों के अनुसार, मृत पशुओं को खुले स्थानों या नदियों में फेंकने से जल प्रदूषण के साथ-साथ संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे जलीय जीवों और मानव स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
इसी को देखते हुए लोक अदालत ने नगरपालिका को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।
नगरपालिका को व्यवस्था सुधारने के निर्देश
लोक अदालत की फटकार के बाद वल्लभनगर नगरपालिका को मृत पशुओं के निस्तारण की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस मामले में अदालत ने साफ संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों और जल स्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
