उदयपुर दीपावली मेले में स्थानीय कलाकारों ने जमाया रंग: बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने दी शानदार प्रस्तुतियां, क्लासिकल डांस और लोकगीतों पर झूमे दर्शक
उदयपुर के टाउन हॉल में आयोजित नगर निगम के दीपावली मेले में सोमवार शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम रही। मेले की सांस्कृतिक संध्या के दूसरे दिन शहर के स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में नन्हे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने मंच पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। किसी ने क्लासिकल डांस के जरिए भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई तो किसी ने राजस्थानी लोकगीतों और बॉलीवुड के सदाबहार गानों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
सोमवार शाम टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से विभिन्न आयु वर्ग के कलाकारों ने हिस्सा लिया। मंच पर बच्चों की मासूम अदाओं और शानदार डांस प्रस्तुतियों ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। वहीं, युवाओं ने बॉलीवुड के लोकप्रिय गानों पर आकर्षक प्रस्तुतियां देकर माहौल को उत्साह से भर दिया।
कार्यक्रम में राजस्थानी लोकसंस्कृति की भी शानदार झलक देखने को मिली। कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीतों और नृत्य के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया। लोकगीतों की धुन पर दर्शक भी तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्लासिकल डांस की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने अपनी भाव-भंगिमाओं, नृत्य शैली और तालमेल से दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं, बुजुर्ग कलाकारों ने भी मंच पर अपनी प्रस्तुति देकर यह दिखाया कि कला और संगीत के प्रति जुनून उम्र का मोहताज नहीं होता।
दीपावली मेले में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने से प्रतिभागियों में खास उत्साह देखने को मिला। अलग-अलग उम्र के कलाकारों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
नगर निगम की ओर से आयोजित इस दीपावली मेले में खरीदारी और मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी महत्व दिया जा रहा है। ऐसे आयोजन शहर की स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बन रहे हैं।
सोमवार की शाम की सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मेले की रौनक बढ़ा दी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
