उदयपुर में लेपर्ड का हमला: महिला ने संघर्ष कर बचाई जान, ग्रामीणों में डर का माहौल
जिले के झाड़ोल इलाके के एक गांव में शुक्रवार को एक महिला पर लेपर्ड ने हमला कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, यह घटना इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। हमले में महिला के हाथ, पैर और गला लेपर्ड ने काटने का प्रयास किया, लेकिन महिला ने हिम्मत दिखाते हुए लगभग दो मिनट तक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि महिला अपने घर के पास बकरी चराने गई थी, तभी अचानक लेपर्ड ने उस पर हमला कर दिया। हमले के दौरान महिला चीखती रही और आसपास के लोग दौड़कर मदद के लिए आए। हमले के बाद लेपर्ड बकरी पर भी झपट्टा मारने की कोशिश की, लेकिन अंततः वह झाड़ियों में छुप गया और वहां से फरार हो गया।
ग्रामीणों में इस घटना के बाद भय का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में इस इलाके में लेपर्ड कई बार दिखाई दे चुका है, जिससे अब सुरक्षा की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई लोग बच्चों और महिलाओं को अकेले बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि इलाके में लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। अधिकारी ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत वन विभाग को सूचित करना चाहिए ताकि हम समय पर कार्रवाई कर सकें।
वन विभाग ने कहा कि इस इलाके में शिकार की कमी और जंगलों में इंसानी गतिविधियों के बढ़ने के कारण लेपर्ड इंसानी आबादी के नजदीक आने लगे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वह लेपर्ड को उकसाने या पास जाने से बचें और बच्चों और महिलाओं को अकेले बाहर न भेजें।
इस घटना ने ग्रामीणों में सुरक्षा के प्रति गंभीर चेतावनी का संकेत दिया है। लोग अब डर और सतर्कता के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं। वन विभाग ने इस क्षेत्र में पैट्रोल बढ़ाने और लेपर्ड को पकड़ने के लिए विशेष टीम लगाने की योजना बनाई है।
महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। इलाज के लिए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को संभाल लिया गया। स्वास्थ्यकर्मी उसका लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
इस हमले के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वह अकेले जंगल या खुले क्षेत्रों में न जाएँ और किसी भी संदिग्ध जानवर की गतिविधि तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
उदयपुर में यह घटना इस बात का उदाहरण है कि इंसान और वन्यजीवों के बीच सीमा के पास रहने से जोखिम बढ़ सकता है। वन विभाग ने चेताया है कि ऐसे हमले रोकने के लिए सतर्कता और नियमों का पालन करना आवश्यक है।
