उदयपुर में पूर्व विधायक के पिता और बेटे लड़ रहे पंचायत चुनाव, शंकरलाल खराड़ी का विधानसभा चुनाव में बीजेपी से कटा था टिकट
राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उदयपुर जिले में पूर्व विधायक शंकरलाल खराड़ी के परिवार के दो सदस्य चुनाव मैदान में उतरने से स्थानीय राजनीति में चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व विधायक के पिता और बेटे पंचायत चुनाव लड़ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से टिकट नहीं मिलने के बाद अब खराड़ी के परिवार की चुनावी सक्रियता पंचायत स्तर पर दिखाई दे रही है।
पंचायत चुनाव में परिवार की दावेदारी
उदयपुर जिले में पंचायत चुनाव के दौरान स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। पूर्व विधायक शंकरलाल खराड़ी के पिता और बेटे के चुनाव लड़ने से मुकाबले को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। पंचायत चुनावों में परिवार के सदस्यों की दावेदारी का असर स्थानीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, दोनों उम्मीदवार किस पंचायत समिति या जिला परिषद वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें किस पार्टी का समर्थन प्राप्त है और उनके सामने कौन-कौन प्रत्याशी हैं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विधानसभा चुनाव में बीजेपी से नहीं मिला था टिकट
शंकरलाल खराड़ी को विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से टिकट नहीं मिला था। इसके बाद अब उनके परिवार के सदस्य पंचायत चुनाव के जरिए चुनावी मैदान में हैं। विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के दौरान कई क्षेत्रों में पार्टी के दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली थी। पंचायत चुनाव में स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं।
स्थानीय राजनीति पर रहेगी नजर
पंचायत चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक प्रभाव और जनसमर्थन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर माने जाते हैं। ऐसे में पूर्व विधायक के परिवार के सदस्यों की उम्मीदवारी को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मतदाताओं का समर्थन किस उम्मीदवार को मिलता है।
फिलहाल उम्मीदवारों के निर्वाचन क्षेत्र, चुनाव चिह्न और पार्टी समर्थन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
