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उदयपुर नगर निगम चुनाव के बीच गुलाबचंद कटारिया का 25 से 30 अगस्त तक प्रवास, टिकट वितरण पर बढ़ी हलचल

 
उदयपुर नगर निगम चुनाव के बीच गुलाबचंद कटारिया का 25 से 30 अगस्त तक प्रवास, टिकट वितरण पर बढ़ी हलचल

उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों में टिकट वितरण को लेकर मंथन का दौर चल रहा है। इसी बीच पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया 25 अगस्त से 30 अगस्त तक उदयपुर प्रवास पर रहेंगे। उनके प्रवास को चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

गुलाबचंद कटारिया लंबे समय तक उदयपुर की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और शहर की स्थानीय राजनीति पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में नगर निगम चुनाव से ठीक पहले उनका उदयपुर में करीब छह दिन रहना राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके प्रवास के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की उनसे मुलाकातें भी हो सकती हैं।

टिकट वितरण को लेकर बढ़ी हलचल

नगर निगम चुनाव के लिए वार्डों में आरक्षण की प्रक्रिया के बाद संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। भाजपा और कांग्रेस समेत प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर मजबूत उम्मीदवारों के नामों पर विचार कर रहे हैं। कई वार्डों में टिकट के लिए दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिल रही है।

ऐसे में कटारिया का उदयपुर प्रवास भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि उनके प्रवास का आधिकारिक कार्यक्रम और राजनीतिक बैठकों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है, लेकिन चुनावी माहौल के बीच उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

वार्ड आरक्षण के बाद बदले समीकरण

उदयपुर नगर निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है। आरक्षण के बाद कई वार्डों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से चुनाव की तैयारी की थी, उन्हें अब नए वार्डों में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशनी पड़ सकती है।

राजनीतिक दल भी आरक्षण के बाद नए सिरे से संभावित प्रत्याशियों का आकलन कर रहे हैं। जातीय समीकरण, स्थानीय पकड़, संगठन में सक्रियता और जीतने की क्षमता जैसे कई पहलुओं को टिकट वितरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कटारिया के प्रवास पर रहेगी नजर

कटारिया के 25 से 30 अगस्त तक उदयपुर में रहने के दौरान राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी। माना जा रहा है कि इस दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकातों के जरिए चुनावी तैयारियों को लेकर फीडबैक लिया जा सकता है।

फिलहाल नगर निगम चुनाव को लेकर उदयपुर में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। टिकट के दावेदार अपने स्तर पर नेताओं से संपर्क साध रहे हैं, वहीं पार्टियां भी जीत की संभावनाओं के आधार पर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन कर रही हैं। ऐसे में गुलाबचंद कटारिया का उदयपुर प्रवास चुनावी माहौल में और अधिक हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है।