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उदयपुर नगर निगम के नए बोर्ड की पहली बड़ी बैठक 14 अक्टूबर को, 80 पार्षद होंगे शामिल; विकास और त्योहारों की व्यवस्थाओं पर होगी चर्चा

 
उदयपुर नगर निगम के नए बोर्ड की पहली बड़ी बैठक 14 अक्टूबर को, 80 पार्षद होंगे शामिल; विकास और त्योहारों की व्यवस्थाओं पर होगी चर्चा

उदयपुर नगर निगम के नए बोर्ड की पहली बड़ी बैठक 14 अक्टूबर को आयोजित होगी। महापौर पारस सिंघवी की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में नगर निगम के सभी 80 पार्षद शामिल होंगे। नए बोर्ड की यह पहली बड़ी बैठक शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में शहर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ आगामी त्योहारों को देखते हुए व्यवस्थाओं को लेकर भी मंथन किया जाएगा।

शहर के विकास कार्यों पर रहेगा फोकस

बैठक में नगर निगम क्षेत्र में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर चर्चा प्रमुख एजेंडे में रहेगी। अलग-अलग वार्डों में सड़क, सफाई, नाली, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों की स्थिति पर पार्षद अपनी बात रख सकते हैं।

नए बोर्ड के सामने सभी 80 वार्डों में विकास कार्यों को गति देने की चुनौती भी रहेगी। महापौर पारस सिंघवी पदभार संभालने के बाद शहर के विकास, पर्यटन और रोजगार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कह चुके हैं। उन्होंने सभी पार्षदों से मिलकर काम करने की अपील भी की थी।

त्योहारों की व्यवस्थाओं पर भी होगी चर्चा

अक्टूबर में त्योहारों का सीजन होने के कारण बैठक में शहर की सफाई, रोशनी, यातायात, पार्किंग और भीड़भाड़ वाले इलाकों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रमुख बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास साफ-सफाई तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं को बेहतर रखने पर जोर दिया जा सकता है।

त्योहारों के दौरान शहर में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव को लेकर पार्षदों के सुझाव भी लिए जा सकते हैं।

अतिक्रमण और सफाई भी अहम मुद्दे

उदयपुर नगर निगम की ओर से हाल ही में देहली गेट से सूरजपोल तक अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निगम ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से अभियान चलाया है। ऐसे में आगामी बैठक में अतिक्रमण और शहर की यातायात व्यवस्था भी चर्चा का विषय बन सकती है।

इसके अलावा निगम की ओर से 7 से 16 अक्टूबर तक सेवा सेतु अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें वार्डवार शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं और नगरीय सेवाओं से जुड़े मामलों का समाधान किया जा रहा है। 14 अक्टूबर को वार्ड 55 से 63 के लिए शिविर निर्धारित है।

नए बोर्ड के लिए पहली बड़ी परीक्षा

नगर निगम में नए बोर्ड के गठन के बाद 14 अक्टूबर की बैठक पहली बड़ी सामूहिक बैठक होगी। इसमें पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याएं और विकास से जुड़े प्रस्ताव सामने रख सकते हैं। बैठक के जरिए नए बोर्ड की आगामी कार्ययोजना को लेकर भी दिशा तय होने की उम्मीद है।

महापौर पारस सिंघवी के सामने शहर की सफाई, यातायात, झीलों के संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी है। ऐसे में 14 अक्टूबर की बैठक में होने वाली चर्चा आने वाले समय में नगर निगम के कामकाज की प्राथमिकताओं का आधार बन सकती है।