साइबर ठगों ने बुजुर्ग व्यापारी को 10 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, आतंकी कनेक्शन का डर दिखाकर ऐंठे 4 लाख
साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने आतंकवादी कनेक्शन का डर दिखाकर एक बुजुर्ग व्यापारी को करीब 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान ठगों ने व्यापारी से करीब 4 लाख रुपये ऐंठ लिए। घर में केवल बुजुर्ग दंपती के रहने के कारण लंबे समय तक किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने बुजुर्ग को फोन कर खुद को जांच एजेंसी से जुड़ा अधिकारी बताया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उनके नाम से किसी संदिग्ध गतिविधि या आतंकी कनेक्शन से जुड़ा मामला सामने आया है। इस बात से बुजुर्ग घबरा गए।
ठगों ने बुजुर्ग को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर लगातार निगरानी में रखा। उन्हें वीडियो कॉल के जरिए जुड़े रहने और किसी अन्य व्यक्ति से घटना के बारे में जानकारी साझा नहीं करने के लिए कहा गया। इसी तरीके से साइबर ठगों ने उन्हें करीब 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
इस दौरान जालसाजों ने जांच के नाम पर बैंक खाते और पैसों से जुड़ी जानकारी हासिल की। इसके बाद अलग-अलग प्रक्रिया पूरी करने और खाते की जांच का झांसा देकर बुजुर्ग से करीब 4 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
घर में बुजुर्ग दंपती ही रहते थे, इसलिए उनके लंबे समय तक फोन और वीडियो कॉल में व्यस्त रहने पर भी किसी अन्य व्यक्ति को संदेह नहीं हुआ। ठगी का खुलासा होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि फोन या वीडियो कॉल पर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाए तो घबराएं नहीं। किसी भी सरकारी एजेंसी की ओर से इस तरह फोन या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया नहीं होती।
साइबर विशेषज्ञ भी लगातार लोगों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने की सलाह देते हैं। ऐसे मामलों में तुरंत कॉल काटकर परिवार के सदस्यों को जानकारी देनी चाहिए और साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत करनी चाहिए।
