उदयपुर के नयागांव उपखंड में जर्जर स्कूल भवनों का संकट, 29 जून से शुरू होने वाले सत्र पर अनिश्चितता
राजस्थान के उदयपुर जिले के नयागांव उपखंड क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की जर्जर भवन स्थिति को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आगामी 29 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक लगभग 20 हजार छात्रों के लिए बैठने की समुचित और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जा सकी है।
जानकारी के अनुसार, उपखंड क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों के भवन काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। कुछ स्कूलों में दीवारों में दरारें हैं, तो कुछ स्थानों पर छतों से पानी टपकने और प्लास्टर गिरने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इन परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से स्कूल भवनों के मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की जा रही थी, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। अब जब नया सत्र शुरू होने जा रहा है, तब समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।
शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हजारों छात्रों के लिए वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था कैसे की जाए। कई स्कूलों में पर्याप्त कक्षाओं की कमी है, जबकि कुछ स्थानों पर अस्थायी ढांचे या वैकल्पिक स्थानों की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, कुछ स्कूलों को नजदीकी अन्य विद्यालयों में समायोजित करने और शिफ्ट व्यवस्था के तहत पढ़ाई कराने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन यह समाधान पूरी तरह स्थायी नहीं माना जा रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता और सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं शिक्षकों ने भी मांग की है कि जल्द से जल्द जर्जर भवनों की मरम्मत या नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
इस पूरे मामले ने शिक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो नए सत्र की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और छात्रों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ेगा।
फिलहाल प्रशासन और शिक्षा विभाग स्तर पर बैठकों का दौर जारी है और जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था को अंतिम रूप देने की बात कही जा रही है।
