उदयपुर MB हॉस्पिटल की शाम्भवी डायग्नोस्टिक लैब पर केस दर्ज, पूर्व मेयर चन्द्रसिंह कोठारी बोले- मैंने नहीं कराई शिकायत
उदयपुर के सरकारी महाराणा भूपाल (MB) हॉस्पिटल में संचालित शाम्भवी डायग्नोस्टिक लैब को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लैब के खिलाफ बिना लाइसेंस संचालन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में नगर निगम के पूर्व मेयर चन्द्रसिंह कोठारी को परिवादी बनाया गया है। हालांकि, पूर्व मेयर ने शिकायत दर्ज कराने से साफ इनकार कर दिया है।
बिना लाइसेंस संचालन का आरोप
जानकारी के अनुसार, शाम्भवी डायग्नोस्टिक लैब के संचालन को लेकर शिकायत सामने आई थी। आरोप लगाया गया कि लैब जरूरी अनुमति और लाइसेंस के बिना संचालित की जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले में अब लैब संचालन से जुड़े दस्तावेजों, लाइसेंस और अन्य प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है।
पूर्व मेयर ने शिकायत से किया इनकार
मामले में परिवादी बनाए गए पूर्व मेयर चन्द्रसिंह कोठारी ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में थाने में कोई शिकायत नहीं दी है। उन्होंने शिकायतकर्ता बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के जरिए मिली।
पूर्व मेयर का कहना है कि यदि उनके नाम से कोई शिकायत दर्ज हुई है तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायत किस आधार पर दर्ज हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका है। जांच के दौरान लैब से जुड़े रिकॉर्ड, अनुमति पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
वहीं, लैब प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
MB हॉस्पिटल में लैब संचालन पर उठे सवाल
सरकारी अस्पताल परिसर में संचालित किसी भी जांच केंद्र के लिए तय नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है। ऐसे में इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल में संचालित निजी सेवाओं की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लैब संचालन में नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी।
