ANTF ने कुख्यात तस्कर कंवरलाल को उदयपुर में गिरफ्तार किया
एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने कुख्यात ड्रग तस्कर कंवरलाल को उदयपुर के एक निजी हॉस्पिटल से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ऑपरेशन मदरक्तिम के तहत की गई। ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कंवरलाल एक डील के लिए जा रहा था, लेकिन एक्सीडेंट होने के कारण उसकी लोकेशन का पता चला और कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी के समय कंवरलाल अपने स्वास्थ्य परीक्षण के लिए हॉस्पिटल में था। अधिकारियों ने कहा कि इस दौरान सुरक्षा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति अपनाई गई, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ANTF के सूत्रों के अनुसार, कंवरलाल कई वर्षों से देशभर में नशे की तस्करी में शामिल था और उसके खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर और मामले दर्ज हैं। पिछले कुछ समय से वह फरार चल रहा था और पुलिस और एंटी नार्कोटिक्स टीम लगातार उसकी तलाश में लगी थी।
महानिरीक्षक विकास कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “मुखबिर की सूचना और टेक्नोलॉजिकल मदद से हम उसे पकड़ने में सफल हुए। इस गिरफ्तारी से न केवल तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर चोट लगी है, बल्कि आगामी कई लेन-देन और अपराध गतिविधियों को भी रोका जा सकेगा।”
स्थानीय लोगों ने इस गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कंवरलाल की गतिविधियों से इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। अब उसकी गिरफ्तारी से न केवल पुलिस की सफलता दिखाई दी है, बल्कि आम नागरिकों को भी राहत मिली है।
ANTF ने बताया कि कंवरलाल के कब्जे से नशे के कई पैकेट और लेन-देन से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ जारी है और टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ऑपरेशन न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह आम नागरिकों और युवा पीढ़ी को नशे और तस्करी के दुष्प्रभावों से बचाने में भी मदद करते हैं। कंवरलाल की गिरफ्तारी से राज्य और देश के नशे के कारोबार में एक बड़ा झटका लगा है।
ANTF अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि तस्करों को सुरक्षित जगह नहीं मिलेगी और पुलिस व टास्क फोर्स लगातार उनके खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
इस प्रकार, ऑपरेशन मदरक्तिम के तहत हुई कंवरलाल की गिरफ्तारी न केवल कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह यह संदेश भी देती है कि अपराध चाहे कितना भी कुख्यात क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।
