आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उठाई मानदेय बढ़ाने और स्थायी करने की मांग, बांसवाड़ा में निकाली रैली
बांसवाड़ा शहर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने सरकार से मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने, उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और राजकीय कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की। रैली के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हुईं और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और कर्मचारी के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
30 हजार रुपए मानदेय की मांग
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की। उनका कहना है कि मौजूदा मानदेय उनकी जिम्मेदारियों और बढ़ते खर्चों के मुकाबले पर्याप्त नहीं है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं।
स्थायी करने की मांग
रैली में कार्यकर्ताओं ने उन्हें स्थायी कर्मचारी बनाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से विभाग के साथ काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान दर्जा और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
कार्यकर्ताओं ने सरकार से उनकी सेवा अवधि और काम की प्रकृति को देखते हुए स्थायीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
राजकीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राजकीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी की। उनका कहना है कि विभागीय योजनाओं को लागू करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है और उन्हें भी कर्मचारियों के अनुरूप सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से वेतन, पेंशन, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी लाभ उपलब्ध कराने की मांग की।
शहर में निकाली रैली
अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बांसवाड़ा शहर में रैली निकाली। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगी।
सरकार से समाधान की उम्मीद
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अब कार्यकर्ताओं की नजर सरकार की ओर से उनकी मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर है। मानदेय बढ़ाने और स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है।
