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बीसलपुर बांध में लंबे समय बाद बढ़ा पानी, जलस्तर 314.05 मीटर पहुंचा; 73.98% भराव

 
बीसलपुर बांध में लंबे समय बाद बढ़ा पानी, जलस्तर 314.05 मीटर पहुंचा; 73.98% भराव

टोंक, जयपुर और अजमेर जिलों की पेयजल जरूरतें पूरी करने वाले बीसलपुर बांध में लंबे समय बाद पानी के स्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बांध में अभी भी धीमी गति से पानी की आवक बनी हुई है। पानी की आवक जारी रहने से बांध का जलस्तर बढ़कर 314.05 आरएल मीटर हो गया है। बांध में कुल भराव क्षमता का 73.98 प्रतिशत पानी मौजूद है।

लंबे समय बाद एक सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर

बीसलपुर बांध में पिछले कुछ समय से पानी की आवक बेहद धीमी गति से हो रही थी। अब लंबे अंतराल के बाद जलस्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि पानी की आवक की रफ्तार अभी भी कम है, लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी से बांध प्रशासन और आसपास के क्षेत्रों में राहत है।

बांध का मौजूदा जलस्तर 314.05 आरएल मीटर दर्ज किया गया है। वहीं बांध में 73.98 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।

तीन जिलों की पेयजल जरूरतों का प्रमुख स्रोत

बीसलपुर बांध राजस्थान के महत्वपूर्ण जल स्रोतों में शामिल है। इससे टोंक के अलावा जयपुर और अजमेर जिलों में भी पेयजल की आपूर्ति होती है। ऐसे में बांध के जलस्तर पर इन तीनों जिलों के लोगों की नजर रहती है।

मानसून के दौरान बांध में होने वाली पानी की आवक से आगामी समय में पेयजल आपूर्ति की स्थिति तय होती है। इस बार पानी की आवक धीमी रहने के बावजूद बांध में उपलब्ध जलस्तर अभी भी महत्वपूर्ण स्थिति में है।

धीमी गति से जारी है पानी की आवक

बांध में फिलहाल पानी की आवक बनी हुई है, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी है। ऐसे में जलस्तर में अचानक बड़ी बढ़ोतरी की स्थिति नहीं बन रही है। पिछले लंबे समय से जलस्तर लगभग स्थिर रहने के बाद अब एक सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।

वहीं टोंक जिले में भी पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम और बारिश से जुड़े आंकड़ों पर नजर बनी हुई है। जिले में हुई बारिश का असर स्थानीय जलस्रोतों और बांध में पानी की आवक पर पड़ सकता है।

जलस्तर पर लगातार निगरानी

बीसलपुर बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और जलग्रहण क्षेत्र से होने वाली आवक के आधार पर बांध के जलस्तर में आगे बदलाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल बांध में 73.98 प्रतिशत पानी मौजूद है और जलस्तर 314.05 आरएल मीटर दर्ज किया गया है। लंबे समय बाद हुई मामूली बढ़ोतरी के बीच अब लोगों की नजर आने वाले दिनों की बारिश और बांध में होने वाली पानी की आवक पर टिकी है।