11 निकायों में वार्ड आरक्षण की लॉटरी आज 3 बजे, 335 में 108 वार्ड महिलाओं के लिए; सभापति पद रहेगा अनारक्षित
नगर निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच वार्डों के आरक्षण को लेकर आज महत्वपूर्ण प्रक्रिया होने जा रही है। जिले के 11 नगर निकायों में वार्डों की आरक्षण लॉटरी दोपहर 3 बजे निकाली जाएगी। इस प्रक्रिया के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस निकाय में कौन सा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों की निगाहें लॉटरी के परिणाम पर टिकी हैं।
जानकारी के अनुसार, 11 निकायों में कुल 335 वार्ड हैं। इनमें से 108 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। वहीं 66 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए आरक्षित होंगे। शेष वार्डों में अन्य आरक्षित श्रेणियों और सामान्य वर्ग के लिए नियमों के अनुसार आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।
इस बार भी सभापति की सीट अनारक्षित रखी गई है। ऐसे में सभापति पद के लिए सामान्य वर्ग समेत विभिन्न वर्गों के दावेदारों को चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकेगा। हालांकि अंतिम तस्वीर वार्डों की लॉटरी और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
आरक्षण लॉटरी को लेकर संभावित प्रत्याशियों में खासा उत्साह है। कई नेता और स्थानीय दावेदार लंबे समय से अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क कर रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि उनके वार्ड का आरक्षण किस श्रेणी में आता है। महिला या ओबीसी आरक्षित होने की स्थिति में कई दावेदारों को अपनी चुनावी रणनीति बदलनी पड़ सकती है।
लॉटरी प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित नियमों के अनुसार कराई जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। लॉटरी के परिणाम सामने आने के बाद वार्डवार आरक्षण की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
महिला आरक्षण के चलते 108 वार्डों में महिला उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। इससे कई वार्डों में नए राजनीतिक चेहरों के सामने आने की संभावना है। राजनीतिक दल भी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा तेज कर सकते हैं।
वहीं 66 वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए जाने से इस वर्ग के संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। आरक्षण की सूची जारी होने के बाद स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरण तेजी से बदल सकते हैं।
नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वार्ड आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद टिकट के दावेदार अपने समर्थकों के साथ आगे की रणनीति तैयार करेंगे। कई वार्डों में लंबे समय से सक्रिय नेताओं के सामने आरक्षण बदलने पर नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
सभापति पद के अनारक्षित रहने को भी चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे इस पद के लिए कई दावेदारों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।
दोपहर 3 बजे होने वाली वार्ड आरक्षण लॉटरी के बाद 11 निकायों की चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। अब संभावित प्रत्याशियों के साथ राजनीतिक दलों की नजर भी लॉटरी के नतीजों पर टिकी हुई है।
