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नशे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग, टोंक कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

 
नशे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग, टोंक कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

राजस्थान के टोंक जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिले में कथित रूप से बढ़ रहे नशे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने तथा नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि नशे का कारोबार युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। इससे परिवारों के साथ-साथ सामाजिक माहौल पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।

कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि यदि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर आने वाली पीढ़ी पर भी पड़ सकता है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से संदिग्ध गतिविधियों की जांच करने और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने नशे की बिक्री और सप्लाई से जुड़े संभावित ठिकानों की जांच कराने की भी मांग रखी। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसे स्थानों की पहचान कर निगरानी बढ़ानी चाहिए, जहां नशीले पदार्थों की बिक्री या वितरण की आशंका है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग भी की।

ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी से आग्रह किया कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत भी बताई।

अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत और ज्ञापन को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया। पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर प्रशासन और पुलिस स्तर पर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की कार्रवाई से क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लग सकेगी।