Tonk कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी गई जैविक खाद की जानकारी

टोंक न्यूज़ डेस्क, कृषि विभाग के तत्वाधान में निवाई उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रजवास में मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता पर किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को जैविक खादों के अधिक से अधिक उपयोग एवं मिट्टी के अनुसार उर्वरकों के प्रयोग के बारे में जानकारी दी गई स्वास्थ्य पत्र। गया। किसान गोष्ठी में संयुक्त निदेशक केके मंगल ने कहा कि अधिक उत्पादन के लिए वैज्ञानिक तकनीक जरूरी है।
उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता कमजोर हो जाती है। किसानों को अपनी मिट्टी की जांच प्रयोगशाला में करानी चाहिए तथा कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। मिट्टी एवं जल परीक्षण का शुल्क मात्र 5 रुपये है। उर्वरकों के संतुलित उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और उसकी उत्पादन क्षमता भी बनी रहती है।
कृषि विभाग की कई तरह की योजनाएं हैं, जिनका लाभ किसान ऑनलाइन आवेदन करके उठा सकते हैं. वर्तमान समय में सरसों की फसल में मोयला कीट का प्रकोप दिखाई दे रहा है। जहां भी इस कीट का प्रकोप दिखे कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी से संपर्क करें। आप संपर्क कर सलाह ले सकते हैं.
कृषि अधिकारी श्योजी राम यादव ने रबी फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों एवं रोगों के लक्षण एवं उनके नियंत्रण की जानकारी दी। कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने जैविक खाद एवं कृषि विभाग द्वारा तारबंदी योजना में पात्रता एवं अनुदान की जानकारी दी। सहायक कृषि अधिकारी सपना कुमावत ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
ग्राम पंचायत के सरपंच एवं संयुक्त निदेशक ने फसल बीमा पॉलिसी का वितरण किया। इस अवसर पर सरपंच कानाराम जाट, उपसरपंच अर्जुन जाट, सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र वर्मा, कृषि पर्यवेक्षक सोना मीना, कालूराम गुर्जर, रेखा देवी, सूरज गुर्जर आदि किसान सहित कई प्रगतिशील लोग मौजूद थे।