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कंबल बांटकर वापस लेने की घटना शर्मनाक: सांसद हरीश चन्द्र मीणा ने जताई नाराजगी

 
कंबल बांटकर वापस लेने की घटना शर्मनाक: सांसद हरीश चन्द्र मीणा ने जताई नाराजगी

हरीश चन्द्र मीणा, टोंक-सवाई माधोपुर सांसद ने निवाई क्षेत्र के करेडा बुजुर्ग गांव में कंबल बांटकर वापस लेने की घटना को गलत और शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल अमानवीय है, बल्कि समाज के संवेदनशील मूल्यों के भी खिलाफ है।

सांसद मीणा ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत देने के नाम पर कंबल वितरण करना और बाद में उन्हें वापस ले लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक विश्वास को कमजोर करती हैं और इससे जरूरतमंद लोगों की भावनाएं आहत होती हैं।

बताया जा रहा है कि निवाई क्षेत्र के करेडा बुजुर्ग गांव में हाल ही में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को कंबल वितरित किए गए, लेकिन बाद में कुछ लोगों से कंबल वापस ले लिए गए। इस घटना का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली और यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

सांसद ने कहा कि इस मामले की पूरी जानकारी ली जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गलत कार्य हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबों की सहायता के नाम पर किसी भी प्रकार की दिखावा या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हरीश चन्द्र मीणा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का दायित्व है कि वे जरूरतमंद लोगों की सच्चे मन से मदद करें। सहायता कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल लोगों की मदद करना होना चाहिए, न कि किसी प्रकार का प्रचार या औपचारिकता निभाना।

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में सहायता कार्यक्रमों पर लोगों का विश्वास कम कर सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

सांसद ने प्रशासन से भी अपेक्षा जताई है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।

गौरतलब है कि ठंड के मौसम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं द्वारा जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए जाते हैं, ताकि उन्हें राहत मिल सके। ऐसे में कंबल वापस लेने जैसी घटना सामने आना गंभीर मामला माना जा रहा है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चा जारी है और सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।