किसानों के मुद्दे पर सियासत गरमाई, सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
राजस्थान में किसानों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और टोंक विधायक सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार का रवैया किसान विरोधी प्रतीत होता है।
सचिन पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को लेकर दिया गया बयान, जिसमें कृषि कार्य को केवल 20–25 दिनों का बताया गया, वास्तविकता से दूर और हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि किसान का जीवन उसकी फसल और खेत से जुड़ा होता है और वह पूरे साल मेहनत करता है, न कि कुछ दिनों तक ही काम करता है।
उन्होंने आगे कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उसकी मेहनत किसी भी अन्य वर्ग से कम नहीं आंकी जा सकती। पायलट के अनुसार, खेती का कार्य मौसम, तैयारी, बुवाई, देखभाल और कटाई तक लगातार चलता रहता है, जिसमें किसान सालभर व्यस्त रहता है।
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और उनकी वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई, सिंचाई की समस्या, फसल बीमा और समर्थन मूल्य जैसे मुद्दों पर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की स्थिति को हल्के में लेना सही नहीं है, क्योंकि उनकी आजीविका सीधे मौसम और बाजार पर निर्भर करती है। ऐसे में उनके योगदान को कम करके आंकना उचित नहीं है।
किसान संगठनों ने भी इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि खेती एक निरंतर प्रक्रिया है और इसे सीमित समय का काम बताना किसानों के साथ अन्याय है।
फिलहाल इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
