टोंक में पहली जिला स्तरीय जनसुनवाई, कलेक्टर टीना डाबी ने 7 घंटे तक सुनीं समस्याएं
टोंक जिला मुख्यालय पर मंगलवार को पहली बार जिला स्तरीय मासिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर टीना डाबी ने करीब 7 घंटे तक लगातार आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे।जनसुनवाई के दौरान बिजली, पानी, सड़क और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। कलेक्टर ने कई मामलों में गंभीरता दिखाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तुरंत शिकायतकर्ताओं के साथ मौके पर भेजा और स्थिति का वास्तविक फीडबैक लेने के निर्देश दिए।
कलेक्टर टीना डाबी ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए और आमजन को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।जनसुनवाई के दौरान कुछ मामलों में कलेक्टर ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। वहीं कई शिकायतों पर त्वरित समाधान की प्रक्रिया शुरू करवाई गई, जिससे लोगों ने राहत की भावना व्यक्त की।
आमजन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं को सीधे जिला स्तर पर सुनने से समाधान की उम्मीद बढ़ी है। लोगों का कहना है कि इस तरह की नियमित जनसुनवाई से प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम होगी।अधिकारियों के अनुसार, यह जिला स्तरीय मासिक जनसुनवाई आगे भी नियमित रूप से आयोजित की जाएगी ताकि जनता की समस्याओं का प्रभावी निस्तारण हो सके और प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे।इस दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों की रिकॉर्डिंग की गई।कुल मिलाकर, यह पहली जनसुनवाई कार्यक्रम जिले में जनभागीदारी और प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
