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सीमांकन विवाद में फंसा स्टेट हाईवे-37 लिंक रोड का निर्माण, काम पर लगी रोक

 
सीमांकन विवाद में फंसा स्टेट हाईवे-37 लिंक रोड का निर्माण, काम पर लगी रोक

टोंक जिले में स्टेट हाईवे-37 (मालपुरा-टोडारायसिंह) लिंक रोड का निर्माण कार्य एक बार फिर विवादों के चलते बाधित हो गया है। सड़क को सीधा और सुगम बनाने के उद्देश्य से चल रहा यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट सीमांकन विवाद में उलझने के कारण ठप पड़ गया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने स्थिति को देखते हुए ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकने के निर्देश जारी किए हैं।

जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान सड़क के सीमांकन को लेकर स्थानीय स्तर पर आपत्ति और विवाद सामने आने लगे थे। कुछ ग्रामीणों और संबंधित पक्षों द्वारा जमीन के सीमांकन को लेकर असहमति जताई गई, जिसके बाद मामला बढ़ता चला गया। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार के कानूनी या प्रशासनिक विवाद से बचने के लिए विभाग ने कार्य को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है।

इस परियोजना का उद्देश्य मालपुरा और टोडारायसिंह क्षेत्र के बीच सीधा और सुगम सड़क संपर्क स्थापित करना था, जिससे आसपास के लगभग एक दर्जन पंचायतों के गांवों को टोंक जिला मुख्यालय से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। इस सड़क के पूरा होने से न केवल दूरी कम होती, बल्कि ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी।

हालांकि, बार-बार निर्माण कार्य रुकने से ग्रामीणों में निराशा देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके पूरा होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों तक पहुंच आसान हो जाती। लेकिन सीमांकन विवाद के कारण विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विवादित हिस्सों की पुनः जांच और सीमांकन की स्पष्टता के बाद ही आगे का कार्य शुरू किया जाएगा। विभाग का कहना है कि किसी भी तरह की अनियमितता या विवाद को ध्यान में रखते हुए ही आगे कदम उठाया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी अड़चन न आए।

स्थानीय प्रशासन भी इस मामले को सुलझाने के प्रयास में जुटा हुआ है। संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान निकल जाता है, तो परियोजना को जल्द ही दोबारा शुरू किया जा सकता है।

फिलहाल, निर्माण कार्य के रुक जाने से क्षेत्रीय विकास की गति प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस विवाद का समाधान निकालकर सड़क निर्माण कार्य को फिर से शुरू करेगा, ताकि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का लाभ उन्हें मिल सके।