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Tonk खींचतान : कार्ड में पायलट का नाम नहीं होने से कर्मियों में जताई नाराजगी
 

टोंक न्यूज़ डेस्क, टोंक जहां कोरोना संक्रमण के बाद वर्चुअल शिलान्यास व कार्यक्रमों की शुरुआत हुई. वहीं, 2020 में ही कोरोना संक्रमण के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच आपसी खींचतान भी खुलकर सामने आ गई थी। जो अब भी होता दिख रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को पाली से 19 जिलों में बनने वाले शासकीय नर्सिंग कॉलेज का वर्चुअल शिलान्यास किया. इस शिलान्यास समारोह का सीधा प्रसारण देखने की व्यवस्था भी की गई और टोंक के खेल स्टेडियम में भी।

जिसके लिए आमंत्रण पत्र भी तैयार किया गया था। लेकिन इस निमंत्रण पत्र में टोंक विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का नाम नहीं था. जबकि अब तक देखा गया है कि जहां किसी भी विकास कार्य का शिलान्यास और उद्घाटन होता है, वहां स्थानीय विधायक को जरूर आमंत्रित किया जाता है. लेकिन राजकीय नर्सिंग कॉलेज के शिलान्यास समारोह के कार्यक्रम कार्ड में टोंक विधायक सचिन पायलट का नाम नहीं था. जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। वहीं, इसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की आपसी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर लगे मुख्य बैनर में पायलट की तस्वीर थी। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गाटा समेत कई कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि कार्ड में स्थानीय विधायक का नाम होना चाहिए था और उन्हें बुलाया जाना चाहिए था. इस कार्यक्रम में जब चिकित्सा मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री का नाम दिया गया तो कौन नहीं आया. कई कार्यकर्ताओं ने विधायक की उपेक्षा किए जाने को चिंताजनक बताया।