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Tonk अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत केबिन कार्यालय पर केबिन संचालकों का धरना-प्रदर्श

 

टोंक न्यूज़ डेस्क, टोंक नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान नॉन वेंडिंग जोन से हटाए गए कई केबिनों के मालिक महिला व पुरुषों ने बुधवार को नगर परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. आयुक्त के रवैये पर नाराजगी जताते हुए प्रदर्शनकारी महिला-पुरुषों व पार्षदों ने कहा कि शहर में अतिक्रमण तो हटवा दिया जाए, लेकिन रोजगार छिनने से किसी को क्या मिलेगा। नगर परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कमिश्नर की कार को घेर लिया, वहीं एक महिला बच्चे को लेकर कार के सामने बैठ गयी. करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद मौजूदा केबिनों को शिफ्ट करने पर सहमति बनी, ताकि लोगों को रोजगार मिल सके. वहीं आयुक्त ने अवैध केबिन व अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही. अवैध केबिन व नगर परिषद पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के तहत वे हेमू सर्किल, नेहरू पार्क क्षेत्र से मौजूदा केबिनों (जिन पर लोग रोजगार चला रहे थे) सहित कई पार्षद सहित अवैध केबिनों को हटाकर नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ हो गए. इसको लेकर कांग्रेस पार्षद सुनील बंसल, रामदेव गुर्जर, राहुल सैनी ने टोंक विधायक सचिन पायलट से भी शिकायत की थी। लेकिन केबिन दोबारा लगाने की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण मंगलवार को वहां केबिन दोबारा लगाने से नाराज केबिन संचालकों की ओर से बुधवार को नगर परिषद की ओर से कार्रवाई की गई. इसके बाद कलेक्टर व नगर परिषद आयुक्त को समस्या से अवगत कराया गया. दो घंटे की बातचीत के बाद समझौता हुआ और लोग लौट गए।

केबिन हटाने की कार्रवाई से आक्रोशित बेरोजगार थाड़ी-केबिन धारकों व उनके बच्चों व परिजनों के साथ कांग्रेस के कई पार्षद बुधवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया. यह सुनते ही आयुक्त नगरसेवकों की बात न मानते हुए कलेक्ट्रेट जाने की बात कहकर गाड़ी में बैठने लगे कि कलेक्टर के साथ बैठक होगी, लेकिन आयुक्त फिर नाराज हो गए. पार्षद रामदेव गुर्जर ने कहा कि पहले हमारी बात सुन लीजिए, इस पर कमिश्नर ने कहा कि क्या आप मुझसे समय लेकर आए हैं? इस पर पार्षद ने जवाब दिया कि हम जनप्रतिनिधियों को आपसे समय लेना होगा? इस हंगामे के बाद आयुक्त गाड़ी में बैठकर जाने लगे। यह देख महिला कैबिन धारक व उनके परिजन बच्चों सहित आयुक्त की गाड़ी के सामने आ गए और उन्हें घेर कर 15-20 मिनट तक रोके रखा. पुलिसकर्मियों व नगर परिषद कर्मियों के समझाने पर वह चले गए। कलेक्टर से मिलने के करीब आधे घंटे बाद आयुक्त वापस आए और पार्षदों से मामले पर चर्चा की. जहां पर सहमति बनी कि यहां से हटाए जाने वाले थाड़ीधारियों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। दरअसल, हेमू कलानी सर्कल से अतिक्रमण हटाकर इसे नॉन वेंडिंग जोन घोषित कर दिया गया है, लेकिन इस बीच बीती रात लोगों ने नगर परिषद द्वारा हटाए गए ठेले व केबिन को वापस वहीं रख दिया. बुधवार को इन्हें हटाए जाने के बाद फिर से विवाद बढ़ गया और कांग्रेस नगर परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद पार्षदों और कमिश्नर के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता चली. इस दौरान कांग्रेस पार्षद सुनील बंसल ने बताया कि नप प्रशासन द्वारा जहां एक ओर अतिक्रमण हटाने के नाम पर थाड़ी, केबिन आदि गरीबों को बेरोजगार किया जा रहा है. कमिश्नर अनीता थंगड ने बताया कि अतिक्रमण व अवैध केबिनों को लेकर अभियान जारी रहेगा. लेकिन जिस जगह केबिन लगाकर रोजगार हो रहा है, वह नॉन वेंडिंग जोन है, इसलिए उस पर स्टॉल या केबिन नहीं हो सकता। उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।